जबलपुर। स्कूल बसों में सफर करने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले में पंजीकृत करीब 800 स्कूल बसों में से सिर्फ 550 बसों के पास ही वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट हैं, जबकि करीब 250 बसें नियमों का पालन किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। इस खुलासे के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने विशेष जांच अभियान चलाकर अनफिट और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान बिना फिटनेस, अधूरे दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों की जांच की जा रही है। कई वाहनों को जब्त किया गया है और अब तक 6.60 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ के अनुसार, स्कूल बसों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। जांच के दौरान बसों का पीला रंग, खिड़कियों पर हॉरिजॉन्टल ग्रिल, 5-5 किलोग्राम क्षमता वाले कार्यशील अग्निशामक यंत्र, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जा रही है। जिन वाहनों में गंभीर खामियां मिल रही हैं, उनके खिलाफ परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को जिस स्कूल बस से भेज रहे हैं, उसकी फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी अवश्य लें। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, बस संचालकों और अभिभावकों की भी साझा जिम्मेदारी है।