गुरु कृपा से ही संभव है भगवान शिव की सच्ची भक्ति: ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानंद जी

जबलपुर, । श्री बगलामुखी सिद्ध पीठ शंकराचार्य मठ, सिविक सेंटर मढ़ाताल में आयोजित श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ एवं असंख्य रुद्री निर्माण (पार्थिव शिवलिंग) का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर भगवती का हिंडोला पूजन, भगवान हरिहरेश्वर महादेव एवं पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक तथा बिल्वपत्र अर्चन किया गया।कथा व्यास पूज्य ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानंद जी महाराज ने कहा कि सच्ची शिवभक्ति, नियमबद्ध शिव पूजन और गुरु की कृपा से ही मनुष्य भवसागर से मुक्ति तथा परम शांति प्राप्त कर सकता है। शिव महापुराण में गुरु को भगवान शिव का साक्षात स्वरूप माना गया है। गुरु जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। उनके मार्गदर्शन के बिना ईश्वर की प्राप्ति कठिन है।

उन्होंने कहा कि गुरु ही मनुष्य को सही और गलत का भेद समझाते हैं। गुरु का अनादर करने वाले का कल्याण नहीं होता। उनकी सेवा और आज्ञा का पालन करना प्रत्येक शिष्य का धर्म है। मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहकर भगवान शिव का स्मरण करना ही सच्ची भक्ति है। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानंद जी ने शिवभक्तों से अहंकार, ईर्ष्या और क्रोध का त्याग कर सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों का दिखावा नहीं, बल्कि उनके भाव देखते हैं। सच्चे प्रेम और श्रद्धा से की गई पुकार भगवान शीघ्र सुनते हैं।
इस अवसर पर आचार्य राजेंद्र शास्त्री, श्री नर्मदा प्रसाद शास्त्री, डॉ. संजय मिश्रा, दीप्ति मनीष पांडेय, श्याम पुरुषवाणी, अदम्य वाजपेयी, नीता पटेल, सुरेश-सरिता कुरेले, गोविंद-प्रीति साहू, अमित-प्रतिक्षा सिंह, राधा शुक्ला, नेहा गुप्ता, ऋचा मिश्रा, मनोज सेन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।