औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की व्यवस्थाओं की पोल, शिक्षकों को नोटिस

बालाघाट। लोक शिक्षण जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक घनश्याम सोनी के दो दिवसीय औचक निरीक्षण में जिले के सरकारी स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। निरीक्षण के दौरान कहीं विद्यार्थियों की कम उपस्थिति मिली तो कहीं शैक्षणिक स्तर और स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। गंभीर लापरवाही सामने आने पर संबंधित शिक्षकों, जनशिक्षकों, बीआरसी और जिला परियोजना समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
17 अगस्त को संयुक्त संचालक ने बैहर और बिरसा विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों व छात्रावासों का निरीक्षण किया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाथरी में 204 दर्ज विद्यार्थियों में से केवल 106 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इस पर उन्होंने अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उर्सकेल स्कूल में मिली गंभीर कमियां

शासकीय प्राथमिक शाला उर्सकेल, विकासखंड बिरसा में निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं बेहद असंतोषजनक मिलीं। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं थी, विद्यार्थियों के कपड़े अत्यंत मैले और अस्वच्छ पाए गए तथा बच्चों की उपस्थिति भी बहुत कम थी। शिक्षकों का शैक्षणिक कार्य भी अपेक्षित स्तर का नहीं मिला।

मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक ने संबंधित शिक्षकों, जनशिक्षकों, बीआरसी तथा जिला परियोजना समन्वयक, बालाघाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

बिरसा मॉडल स्कूल की व्यवस्था संतोषजनक

इसके विपरीत शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा की शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। संयुक्त संचालक ने विद्यालय में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए व्यवस्थाओं को इसी तरह बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

छात्रावासों में सफाई और भोजन पर जोर

मॉडल बालक छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास और मॉडल बालिका छात्रावास बैहर में भोजन, पेयजल और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया। सोनी ने पानी की टंकियों की नियमित सफाई तथा भोजन और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

घुम्मर स्कूल में बच्चों के पास नहीं मिलीं पुस्तकें

18 अगस्त को बिरसा विकासखंड की प्राथमिक शाला घुम्मर और हर्राटोला का निरीक्षण किया गया। घुम्मर में शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पुस्तकें प्राप्त नहीं हुई हैं। कई विद्यार्थी अपेक्षित स्तर पर पुस्तक पढ़ने में भी सक्षम नहीं पाए गए। संयुक्त संचालक ने शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं, पठन-पाठन और समझ विकसित करने पर विशेष ध्यान देने तथा प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का नियमित आकलन करने के निर्देश दिए।

हर्राटोला में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई और विद्यालयीन अनुभवों की जानकारी ली। बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई का महत्व बताया तथा उपस्थित विद्यार्थियों को चॉकलेट वितरित की।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

संयुक्त संचालक घनश्याम सोनी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र हैं। हर शिक्षक की जिम्मेदारी है कि विद्यालय आने वाला प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से पढ़े, समझे और सीखने में आगे बढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की कम उपस्थिति, कमजोर शैक्षणिक स्तर, अस्वच्छता तथा भोजन-पेयजल की गुणवत्ता में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को स्कूलों और छात्रावासों की नियमित निगरानी कर कमियां मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।