जबलपुर। रोटरी क्लब ऑफ जबलपुर संस्कारधानी द्वारा कदम संस्था एवं सरस्वती स्कूल के सहयोग से आयोजित 25 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ सरस्वती स्कूल, नरसिंह मंदिर, शास्त्री ब्रिज, जबलपुर में किया गया। 6 मई से 30 मई तक आयोजित इस विशेष शिविर में 150 से अधिक बच्चों को भारत की लोक कला, सांस्कृतिक परंपराओं एवं विभिन्न रचनात्मक विधाओं का राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, कला एवं नैतिक संस्कारों का संवर्धन करना है।
शिविर के माध्यम से बच्चों को लोक नृत्य, संगीत, अभिनय, कला एवं व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का विकास हो सके। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रोटे विवेक चौधरी का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष रोटे अरुण गुप्ता, सचिव रोटे अभिषेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रोटे अनिल अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष रोटे अरुण खर्ड, रोटे अंजुल जैन, रोटे सुनील जसवानी एवं रोटे मनीष बजाज सहित अनेक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रोटरी क्लब संस्कारधानी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रोटे नितिन जैन ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिविर को सफल बनाने में रोटे अभिषेक अग्रवाल, रोटे अरुण खर्ड, रोटे अंजुल जैन, रोटे सुनील जसवानी एवं रोटे मनीष बजाज सहित अन्य सदस्यों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।
इस 25 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल प्रशिक्षण शिविर का समापन 30 मई 2026 को शाम 6 बजे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ सरस्वती स्कूल, नरसिंह मंदिर, शास्त्री ब्रिज, जबलपुर में होगा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जगत बहादुर सिंह उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुधीर अग्रवाल करेंगे। विशेष आमंत्रित अतिथियों में रोटे अखिल मिश्र (पूर्व प्रांतपाल, रोटरी इंटरनेशनल मंडल 3261), योगेश घनोरे (संस्थापक, कदम संस्था), अमित दवे (संगठन मंत्री, विद्या भारती, महाकोशल प्रांत), विष्णुकांत ठाकुर (कोषाध्यक्ष, विद्या भारती, महाकोशल प्रांत), एवं राजीव चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।यह जानकारी रोटे नितिन जैन, पब्लिक इमेज चेयरमैन, रोटरी क्लब ऑफ जबलपुर संस्कारधानी द्वारा दी गई।