जबलपुर। छटवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने यहां कहा कि राम मंदिर आस्था का आंदोलन था, अहंकार का आंदोलन नहीं| उन्होंने कहा कि भगवान अपना काम स्वयं कराते है हम तो निमित्त मात्र होते है| आयोग की बैठक के बाद सर्किट हाउस में श्री पवैया पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए जयभान सिंह पवैया ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। जीवन का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने इस आंदोलन और राम मंदिर निर्माण के संकल्प को पूरा करने में लगाया।
पवैया ने कहा, “किसी को भी इस बात का अहंकार नहीं होना चाहिए कि उसने कोई बड़ा काम किया है। भगवान अपना कार्य स्वयं कराते हैं और हम सब केवल निमित्त मात्र होते हैं।” उन्होंने बताया कि वे बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं और राम जन्मभूमि प्रकरण में लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह एवं डॉ. मुरली मनोहर जोशी के साथ 13 दिनों तक जेल में बंद रहे| सीबीआई प्रकरण में सह-आरोपी रहे, जिसमें बाद में सभी बरी हुए।
राम मंदिर को लेकर भ्रम फैलाने वालों पर निशाना………..
राम मंदिर से जुड़े मामलों पर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर चल रही बहसों को लेकर पवैया ने कहा कि आजकल बिना पूरी जानकारी के टीका-टिप्पणी करने का दौर चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध, पानी का पानी होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई होगी।
राम मंदिर आंदोलन ने समाज को एक सूत्र में बांधा…….
श्री पवैया ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने समाज में व्याप्त जातिगत विभाजन की दीवारों को कमजोर कर पूरे सनातन समाज को एकजुट करने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक बना।
उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग राम जन्मभूमि आंदोलन की भावना और युवाओं की आस्था को प्रभावित करने के लिए अलग-अलग नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना के आधार पर 500 वर्षों के संघर्ष और बलिदानों को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। यदि कोई अपराध हुआ है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्य जाने किसी पर आरोप लगाना भी उचित नहीं है।
इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, विधायक अशोक रोहाणी, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोंटिया और जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे|