जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गुरुवार को बीए-एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की हिंदी लैंग्वेज परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। प्रश्नपत्र मिलने के बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे गए हैं। विरोध में कई छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया और एनएसयूआई के साथ कुलगुरु निवास पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।छात्रों का कहना था कि उन्होंने निर्धारित सिलेबस के आधार पर महीनों तैयारी की थी, लेकिन परीक्षा में अलग विषयवस्तु से सवाल पूछे गए। प्रश्नपत्र को लेकर विद्यार्थियों ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद पर्यवेक्षकों से जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने परीक्षा छोड़ दी। इसके बाद छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा के निवास पहुंच गए।परीक्षा बहिष्कार के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी कुलगुरु निवास के बाहर जमीन पर बैठ गए। सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय के अधिकारी और सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा छात्रों को समझाने का प्रयास किया। छात्रों ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और विद्यार्थियों के हित में उचित निर्णय की मांग की।एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रभारी अंचलनाथ ने आरोप लगाया कि विद्यार्थी दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र तैयार करने में लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार वे कई घंटे तक कुलगुरु निवास के बाहर अपनी मांगों को लेकर बैठे रहे।मामले में परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुनील दुबे ने बताया कि छात्रों की ओर से प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का नुकसान न हो।विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रो. राजेश कुमार वर्मा को कुलगुरु और डॉ. सुनील दुबे को परीक्षा नियंत्रक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।फिलहाल छात्रों के आरोपों की जांच चल रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र में वास्तव में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न शामिल थे या नहीं और विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय क्या निर्णय लेता है।