एसीएस वर्णवाल ने दिया स्पष्टीकरण, एमपीएमएसयू के विखंडन पर अभी कोई फैसला नहीं


जबलपुर । मप्र आर्युविज्ञान विश्वविद्यालय (एमपीएमएसयू) को तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है, यह जानकारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने दूरभाष पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे को दी, साथ ही उन्होंने मंच से आग्रह किया कि इस संबंध में एक ठोस प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे, जिस पर विचार किया जा सके| गौरतलब है कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने अपर मुख्य सचिव को फोन लगाकर एमपीएमएसयू के विखंडन को लेकर जबलपुर के व्याप्त आक्रोश से अवगत कराया| इस वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने स्पष्ट किया कि विखंडन पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है. यदि मंच के पास कोई ठोस प्रस्ताव है तो भेजें, उस पर विचार किया जाएगा.

परिनियम में रीजनल सेंटर का प्रावधान……….

डॉ. नाजपांडे ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी के परिनियम में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और रीवा में 5 क्षेत्रीय समन्वय केंद्र बनाने का प्रावधान पहले से है. मंच की मांग है कि यूनिवर्सिटी का विखंडन करने की बजाय इसी प्रावधान के तहत रीजनल सेंटर बनाए जाएं.

हेडक्वार्टर जबलपुर में ही रखा जाए…………

मंच ने अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का मुख्यालय जबलपुर में ही रखने के स्पष्ट निर्देश हैं. ऐसे में एक्ट का उल्लंघन नहीं होना चाहिए.
मंच के रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अघोलिया, डी.आर. लखेरा, मनीष शर्मा, सुशीला कनौजिया और गीता पांडे ने बताया कि अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा.