जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की “जीरो एक्सीडेंट” नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्मिकों एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सुरक्षा एवं कार्यस्थल जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
अधीक्षण अभियंता एम.पी. पटेल की पहल एवं निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली, दुर्घटना निवारण, कार्यस्थल पर सतर्कता तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन प्रत्येक कर्मचारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इससे न केवल मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि विद्युत पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।
*वर्क परमिट प्रक्रिया से कराया अवगत*
220 केवी सबस्टेशन सिरमौर तथा 132 केवी सबस्टेशन कटरा एवं मऊगंज में आयोजित कार्यशाला में सबस्टेशनों की सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारियों को वर्क परमिट जारी करने एवं निरस्त करने की निर्धारित प्रक्रिया से अवगत कराया गया तथा इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रतिदिन रात्रि में स्विचयार्ड के हॉट प्वाइंट सर्वे, यार्ड में स्थापित पावर ट्रांसफार्मरों के दैनिक एवं गहन निरीक्षण तथा उपकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
*सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी दी गई जानकारी*-
कार्यशाला में कर्मचारियों को हेलमेट, गमबूट, सुरक्षा जूते एवं हैंड ग्लव्स जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजनाओं के लाभों की जानकारी प्रदान की गई। एमपी ट्रांसको द्वारा जारी संबंधित जानकारी की प्रतियां भी कर्मचारियों को वितरित की गईं, ताकि वे अपने अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाओं से पूर्णतः अवगत रह सकें।कार्यशाला में श्री पटेल ने कहा कि सुरक्षित कार्य व्यवहार, नियमित निरीक्षण एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन ही दुर्घटनामुक्त एवं विश्वसनीय विद्युत पारेषण व्यवस्था की आधारशिला है। उपस्थित कर्मचारियों ने सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने तथा कंपनी की जीरो एक्सीडेंट नीति को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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