त्योहारों से पहले पुलिस का शक्ति प्रदर्शन, दंगाइयों से निपटने का किया अभ्यास

*जबलपुर।त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से निपटने और किसी भी अप्रिय स्थिति पर तत्काल नियंत्रण पाने के लिए जबलपुर पुलिस ने कमर कस ली है। रविवार शाम पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बलवा ड्रिल की रिहर्सल कर पुलिस बल ने दंगाइयों को तितर-बितर करने, आंसू गैस छोड़ने और पानी की बौछार से भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के मार्गदर्शन में 11 अक्टूबर की शाम 4 बजे आयोजित इस रिहर्सल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज, अपराध अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह, जोन-2 की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, जोन-4 की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश तिवारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.एस. गोठरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। शहर के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, थानों के पुलिस बल और रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य के नेतृत्व में पुलिस लाइन के जवानों ने अभ्यास में भाग लिया।

**आंसू गैस और पानी की बौछार से संभाली भीड़**

रिहर्सल के दौरान पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों की भूमिका निभाई, जबकि दूसरे दल ने उन्हें नियंत्रित करने की कार्रवाई की। उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस पार्टी ने मोर्चा संभाला। वज्र वाहन से आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, वहीं पानी की तेज बौछारों के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया गया। इस पूरी कवायद का उद्देश्य त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रण, पथराव जैसी परिस्थितियों से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैयार रखना रहा।

**आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता**

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को परेशानी न हो। सभी अधिकारी-कर्मचारी नियमों के दायरे में रहते हुए निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करें।

उन्होंने पुलिस बल के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

**सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर**

डॉ. जाखड़ ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी बॉडीगार्ड, हेलमेट और सुरक्षात्मक जाली सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें। भीड़ की ओर से हमला या पथराव होने की स्थिति में पुलिसकर्मी खुद को सुरक्षित रखते हुए संयम और सतर्कता के साथ कार्रवाई करें।त्योहारों के मद्देनजर आयोजित इस रिहर्सल के जरिए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि शांति भंग करने की कोशिशों से निपटने के लिए बल सतर्क, प्रशिक्षित और तैयार है। वहीं, पुलिस की प्राथमिकता शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।