जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित 200 किलो गांजा तस्करी मामले में आरोपी मनीष शुक्ला को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह राहत प्रदान की। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई और साक्ष्यों का परीक्षण निचली अदालत में नियमानुसार जारी रहेगा।अभियोजन के अनुसार 13-14 अप्रैल की दरमियानी रात जैतपुर थाना क्षेत्र के कामता मोड़ के पास हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। हादसे की जांच के दौरान पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से करीब 200 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। जांच में पुलिस ने मनीष शुक्ला को भी आरोपी बनाया और आरोप लगाया कि वह गांजा से भरे वाहनों की पायलटिंग कर तस्करी में सहयोग कर रहा था।मनीष शुक्ला की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता निखिल भट्ट ने हाईकोर्ट में तर्क रखा कि अभियोजन के पास उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। उन्हें केवल सह-अभियुक्त के मेमोरेंडम कथन के आधार पर आरोपी बनाया गया है। न तो आरोपी से किसी प्रकार की मादक सामग्री बरामद हुई और न ही ऐसा कोई स्वतंत्र साक्ष्य पेश किया गया, जिससे उसकी कथित भूमिका प्रमाणित होती हो। इन तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत का लाभ देते हुए रिहा करने के आदेश दिए। वहीं, मामले के मुख्य आरोपों पर अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगा।