जबलपुर। प्रसंग अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था द्वारा अपने सफल 33 वर्षों की श्रृंखला में 509 वां आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण को शहीद स्मारक रंगमंच, में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कलाकारों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अवसर था स्मृतिशेष श्रीमती राजकुमारी रांधेलिया की कृति ओस की बूंद तथा श्रीमती अर्चना मलैया की कृति बस, इतनी सी बात !! के विमोचन समारोह का जिसके मुख्य अतिथि डॉ.अखिलेश गुमास्ता, अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे एवं विशिष्ट अतिथि डॉ बैजनाथ गौतम के करकमलों द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. अखिलेश गुमास्ता ने कहा साहित्य समाज का मार्गदर्शन करता है।अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे ने कृतिकारों की सृजनशीलता की सराहना की। समारोह में समालोचक डॉ. इला घोष एवं डॉ.अनामिका तिवारी ने कृतियों की समीक्षा की। इसके साथ ही डॉ. बैजनाथ गौतम एवं डॉ. विमला चौधरी ने भी अपने विचार रखे। तथा मंगल भाव अशोक मनोध्याय संयोजक श्री रामलीला समिति गढ़ा द्वारा प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना डॉ. रानू रूही एवं गणेश वंदना नृत्य श्रीमती स्वाति परेश मोदी तिवारी के निर्देशन में श्रींम कथक पीठ के कला साधकों द्वारा प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत डॉ मकबूल अली, डॉ विनोद बाजपेई द्वारा किया गया द्वितीय चरण में संगीतमय प्रस्तुति के अंतर्गत श्रीमती नित्या मलैया जैन (गाजियाबाद) ने कृष्ण लीला नृत्य की प्रस्तुति दी तथा स्व. श्रीमती राजकुमारी रांधेलिया के गीतों की संगीतमय प्रस्तुति डॉ. शिप्रा सुल्लेरे एवं सहयोगी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह में हिंदी लेखिका संघ म.प्र, समरसता सेवा संगठन, श्री रामलीला समिति गढ़ा, बिजन जबलपुर, शब्दरथ, साहित्य संसार, काव्य कलश, सजल इकाई जबलपुर, दिगंबर जैन महिला परिषद, लोकधारा, गुंजन कला सदन, अंतस, त्रिवेणी परिषद, विविधा साहित्य कला अकादमी संस्था व्यंगम, हम सब, साइन सेवा समिति सिविल लाइन, मिलन के प्रतिनिधियों में, हास्य सम्राट के के नायकर, डॉ अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, सुरेश मिश्रा विचित्र, यूं एस, दुबे वैभव जैन,सुधा रांधेलिया, सौम्या रांधेलिया, संभव रांधेलिया, निर्मला तिवारी, डॉ मुकुल तिवारी, इंदु सिंह कंचन, कृष्णा राजपूत, गुप्तेश्वर द्वारका गुप्त,मृगेंद्र नारायण सिंह, डॉ शोभा सिंह, डॉ अंकिता नेमा, डॉ संध्या पाठक,गायत्री चौबे डॉ सलमा जमाल, नलिन कांत बाजपेई, डॉ विजय तिवारी, इरफान झांस्वी, सुशील श्रीवास्तव, अनामिका सिंह, राधिका सेन, राजेश परोहा,मिथलेश नायक, छाया सिंह चंद्र प्रकाश वैश्य, डॉ कामना कौस्तुभ, प्रकाश सिंह ठाकुर , दो प्रतिमा अखिलेश, कौशल्या गोटिया, कीर्ति चौरसिया,की सहभागिता रही।
यह आयोजन साहित्य, संगीत एवं संस्कृति का उत्कृष्ट संगम बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समारोह का संचालन प्रसंग अंतरराष्ट्रीय मंच के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार इंजीनियर विनोद नयन ने किया।समन्वय डॉ.विनीता पांडेय विनीत का रहा और अंत में आभार प्रदर्शन सुश्री सौम्या रांधेलिया द्वारा किया गया,