स्टार्टअप्स और एमएसएमई के उत्पादों की मार्केटिंग के लिये बनाएं कार्ययोजना. कलेक्टर

जबलपुर – उद्योग, रोजगार एव कौशल विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों की आज मंगलवार को बुलाई गई बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले में नये औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिये चिन्हित भूमि के आवंटन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

श्री सिंह ने तीनों विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की विभागवार समीक्षा बैठक में की तथा नये स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के उत्पादों को मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध कराने के लिये कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिये। कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई इस बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र महाप्रबंधक विनीत रजक, उप संचालक रोजगार एम एस मरकाम एवं संभागीय आईटीआई के प्राचार्य अर्पित शुक्ला मौजूद थे।

कलेक्टर ने बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर की स्थापना की दिशा में अभी तक की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने क्लस्टर के लिये भूमि के चिन्हांकन की कार्यवाही  शीघ्र पूरी करने के निर्देश देते हुये इच्छुक निवेशकों से चर्चा कर प्रस्ताव प्राप्त करने की बात कही। श्री सिंह ने कहा कि जिले में बड़ी मात्रा में हो रहे उत्पादन को देखते हुये सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की संभावनाएं तलाशी जायें। उन्होंने निवेश प्रोत्साहन केंद्र में आयोजित कॉफी विद एक्सपर्ट्स कार्यक्रमों में शामिल निवेशकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट प्राप्त करने पर भी बल दिया।

बैठक में जिला व्यापार एव उद्योग केंद्र की समीक्षा के दौरान महाप्रबंधक विनीत कुमार रजक ने बताया मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के विगत वित्तीय वर्ष में 384 के लक्ष्य के 514 हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया। यह उपलब्धि लक्ष्य से 34 प्रतिशत अधिक रही। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत जिले को 430 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है, जिसे बैकों को शाखावार आवंटित कर दिया गया है।

बैठक में बताया गया कि रांझी तहसील के मोहनिया ग्राम में एमएसएमई विभाग को आबंटित 25 एकड़ भूमि को विकसित किए जाने हेतु मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा टेन्डर की प्रक्रिया की जा रही है। इसके अतिरिक्त अधारताल तहसील में कठौन्दा, पनागर में तहसील में झुरझुरु, पाटन तहसील में ककरहटा तथा शहपुरा के ग्राम झाँसी में नये औद्योगिक क्षेत्र के लिये चिन्हित भूमि आवंटन प्रक्रियाधीन है।

बैठक में रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाये कि जिन युवाओं का प्लेसमेंट हो रहा है उनमे कितने बच्चे जॉब कर रहे है। उन्होंने आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों को स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश देते हुये मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में स्थानीय संस्थानों को जोड़ने की आवश्यकता बताई।कलेक्टर श्री सिंह ने उद्योग, रोजगार एवं कौशल विकास के कार्यों की समीक्षा के लिये जल्दी ही एक बार फिर बैठक आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि इसमें कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन जैसे स्वरोजगार से जुड़े सभी विभागों तथा जिले के प्रमुख शासकीय और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालय, इन्क्यूबेशन सेंटर को भी उसमें बुलाया जाये।