जबलपुर, । संभागायुक्त धनंजय सिंह ने गुरुवार को जबलपुर जिले के उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर औद्योगिक गतिविधियों, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को उद्योगों के विस्तार और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।भ्रमण के दौरान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक अनिल राठौर, एसडीएम मदन रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संभागायुक्त ने संचालित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध रोजगार, उत्पादन क्षमता और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में वृक्षारोपण भी किया तथा जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।
अधोसंरचना विकास पर करोड़ों का निवेश
एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक अनिल राठौर ने बताया कि उमरिया-डुंगरिया फेस-1 (विस्तार) में 30.306 हेक्टेयर भूमि पर 7.74 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ण हो चुका है।
इसके अलावा फेस-1 और फेस-2 में कुल 104.20 हेक्टेयर क्षेत्र में 14.97 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना उन्नयन कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके आगामी अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की जल प्रदाय योजना को भी मजबूत किया जा रहा है। 18.48 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति क्षमता में 3 एमएलडी की वृद्धि की जा रही है, जिसे जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
96 उद्योगों में उत्पादन, करीब दो हजार लोगों को रोजगार
अधिकारियों के अनुसार जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में अब तक 159 औद्योगिक इकाइयों को 65.863 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनमें से 96 इकाइयां उत्पादनरत हैं, जिनमें 423 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और 1,945 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। वहीं 17 नई औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है संभागायुक्त धनंजय सिंह ने कहा कि उद्योगों के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। एमपीआईडीसी द्वारा निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जिले में औद्योगिकीकरण को नई गति मिल रही है।