जबलपुर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा ने UPI लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क स्थगित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। कैट ने कहा कि यह निर्णय देश के व्यापारियों, छोटे कारोबारियों एवं एमएसएमई के हित में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे डिजिटल भुगतान के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
कैट प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि सरकार का यह निर्णय व्यापारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और उनके हितों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी।
कैट प्रदेश महामंत्री जितेंद्र पचौरी ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना आवश्यक है, लेकिन उस पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए। सरकार का यह निर्णय व्यापार जगत के लिए स्वागतयोग्य है।कैट संभागीय महामंत्री राजा सराफ ने कहा कि त्योहारी एवं विवाह सीजन में यह निर्णय व्यापारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इससे व्यापारिक गतिविधियों और डिजिटल लेनदेन के प्रति विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।कैट संभागीय अध्यक्ष दीपक सेठी ने कहा कि कैट सदैव व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत है। ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत MDR शुल्क से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका थी। सरकार का यह निर्णय व्यापारियों के हित में सराहनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।कैट जबलपुर जिला अध्यक्ष राजीव बड़ेरिया ने कहा कि यह निर्णय देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों के लिए राहत देने वाला है। डिजिटल भुगतान की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो व्यापारियों के लिए सरल, सुरक्षित और किफायती बनी रहे।कैट राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर सीमा सिंह चौहान ने कहा कि व्यापारियों के हित में लिया गया यह निर्णय स्वागतयोग्य है। महिला उद्यमियों एवं छोटे कारोबारियों सहित पूरे व्यापारिक समुदाय को ऐसी नीतियों से प्रोत्साहन मिलता है, जो उनके कारोबार को सुगम और टिकाऊ बनाने में सहायक हों।उल्लेखनीय है कि 30 सितंबर 2026 को कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में लगभग 20 प्रमुख व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी से मुलाकात कर प्रस्तावित MDR शुल्क से व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों से अवगत कराया था।
कैट ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच इसी प्रकार सकारात्मक संवाद से व्यापारियों के हितों की रक्षा होगी तथा आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।