जबलपुर। धार के बहुचर्चित भोजशाला बनाम कमाल मौला मस्जिद प्रकरण में 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने सभी पक्षकारों को अपने दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही हाईकोर्ट का रिकॉर्ड सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उसके आधार पर पक्षकार अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज पेश कर सकें।सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे प्रकरण के याचिकाकर्ता एवं जबलपुर निवासी डॉ. एच.पी. तिवारी ने बताया कि वे उच्च न्यायालय की तरह ही उच्चतम न्यायालय में भी साक्ष्यों के आधार पर मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा जाएगा।डॉ. तिवारी ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद भी भोजशाला के प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।