जबलपुर। आचार्य ओशो को लेकर बाबा रामदेव की कथित विवादित टिप्पणी के बाद ओशो अनुयायियों में नाराजगी बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ओशो और उनकी शिक्षाओं को लेकर की गई टिप्पणियों पर देश-विदेश के ओशो प्रेमियों ने आपत्ति जताई है। जबलपुर के ओशो अनुयायियों ने भी बयान की कड़ी निंदा करते हुए बाबा रामदेव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। विरोध स्वरूप बाबा रामदेव और उनसे जुड़े संस्थानों के व्यावसायिक उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया गया है।ओशो होम आश्रम भेड़ाघाट के स्वामी श्रीला प्रेम पारस ने कहा कि बाबा रामदेव या उनके संस्थानों से जुड़े सभी व्यावसायिक उत्पादों और ब्रांड्स का बहिष्कार किया जाएगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी आम लोगों और ओशो अनुयायियों से ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल बंद करने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।ओशो अनुयायी स्वामी अगेह भारती ने कहा कि ओशो को लेकर की गई टिप्पणी से अनुयायियों को गहरा आघात पहुंचा है। ओशो केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विचारधारा और शिक्षाओं के लिए जाने जाते हैं। ऐसी शख्सियत के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल निंदनीय है।अनुयायियों का कहना है कि जबलपुर का ओशो के जीवन से विशेष जुड़ाव रहा है। ओशो ने अपने जीवन का लंबा समय इस शहर में बिताया है। ऐसे में उनकी विचारधारा और व्यक्तित्व को लेकर की गई टिप्पणी से स्थानीय अनुयायियों में भी आक्रोश है।इस विरोध में स्वामी विजय आनंद, स्वामी श्रीला प्रेम पारस, स्वामी अगेह भारती, साहिब, अनिल तिवारी, अविनाश भारत, अनंत अनादी, डॉ. विनय शर्मा, सत्यम विश्वकर्मा सहित जबलपुर के नागरिकों, गाडरवारा ओशो संन्यासी संघ और विभिन्न ओशो संगठनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। अनुयायियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा।