एक्टिव फ्रेंड्स ग्रुप भोपाल की नई कार्यकारिणी का गठन: डॉ. राजीव जैन अध्यक्ष, त्रिभुवन मिश्रा उपाध्यक्ष व प्रमोद शर्मा बने महासचिव

भोपाल। मित्रता, स्नेह और सामाजिक सरोकारों को समर्पित संस्था ‘एक्टिव फ्रेंड्स ग्रुप, भोपाल’ की वार्षिक साधारण सभा एवं कार्यकारिणी पुनर्गठन समारोह एमएलए रेस्ट हाउस स्थित होटल शुभ इन में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में निवर्तमान कार्यकारिणी को भावभीनी विदाई दी गई, वहीं सर्वसम्मति से नवीन कार्यकारिणी की घोषणा के साथ संगठन में एक नए युग का आगाज हुआ।2012 से लगातार सक्रिय है संगठन
वर्ष 2012 में संस्थापित एक्टिव फ्रेंड्स ग्रुप भोपाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लगभग 600 पूर्व छात्र-छात्राओं, पूर्व छात्र नेताओं और गणमान्य नागरिकों का एक सशक्त नेटवर्क है। संस्था अपने तय वार्षिक कैलेंडर के अनुसार वर्षभर सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, खेल, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिविर और जनजागरूकता के विभिन्न प्रकल्प संचालित करती है।
निवर्तमान टीम के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना
समारोह में निवर्तमान कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की मुक्तकंठ से सराहना की गई। संरक्षक व संस्थापक सदस्य (पूर्व मंत्री) दीपक जोशी, संयोजक मोहम्मद तारिक, अध्यक्ष पयोज जोशी, महासचिव राजकुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष नितिन लोहानी एवं महिला अध्यक्ष आराधना संजर सहित पूरी टीम द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए उनका अभिनंदन किया गया।
नवीन कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी:
* संयोजक: मोहम्मद तारिक
* अध्यक्ष: डॉ. राजीव जैन
* महासचिव: प्रमोद शर्मा
* उपाध्यक्ष: त्रिभुवन मिश्रा, रामू श्रीवास, ब्रजेश शुक्ला, राजू उपाध्याय, अनीता आर्या, पूर्वा राय
* सचिव: मान सिंह, अनिल श्रीवास्तव, नीलिमा तिवारी, रचना डेविड
* संगठन मंत्री: राजकुमार श्रीवास्तव
* कोषाध्यक्ष: नितिन डागा
* महिला प्रकोष्ठ (अध्यक्ष): श्रीमती शशि सोनी
* युवा प्रकोष्ठ: अंकित शर्मा (अध्यक्ष), सूर्यकांत चतुर्वेदी (महासचिव)
(इसके साथ ही संरक्षक मंडल और कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों की भी घोषणा की गई।)
नवनिर्वाचित अध्यक्ष का संकल्प
अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. राजीव जैन ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ग्रुप केवल एक मंच नहीं बल्कि आपसी यादों और आत्मीयता की पहचान है। उन्होंने नई टीम के साथ आगामी प्राथमिकताओं की घोषणा की:
* संबधों का सुदृढ़ीकरण: पुराने मित्रों को जोड़ते हुए नए साथियों का समावेश करना।
* समाज सेवा का विस्तार: वार्षिक कैलेंडर के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक सरोकारों के काम बढ़ाना।
* युवा सहभागिता: भावी पीढ़ी को संस्कारों और सामाजिक परंपराओं से जोड़ना।
* पारंपरिक खेल संस्कृति: भारतीय पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के विशेष आयोजन।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों एवं सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देकर संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।