छिंदवाड़ा के जनजातीय कार्य विभाग में रिश्वत लेते बाबू को लोकायुक्त ने दबोचा

जबलपुर/छिंदवाड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को छिंदवाड़ा के सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी कर्मचारी ने ठेकेदार से उसकी जमा ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) की राशि वापस कराने की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में रिश्वत मांगी थी।

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक सौरभ मिश्रा निवासी ग्राम अंबाड़ा, तहसील परासिया, जिला छिंदवाड़ा ने अपनी पंजीकृत फर्म के माध्यम से करीब छह माह पहले जुन्नारदेव विकासखंड की ग्राम पंचायत नवेगांव में छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए निविदा भरी थी। इसके लिए उसने ऑनलाइन माध्यम से विभाग में लगभग 28 हजार रुपए ईएमडी जमा की थी।

बाद में जनजातीय कार्य विभाग ने उसका टेंडर निरस्त कर दिया। इसके बाद सौरभ ने विभाग में पदस्थ भृत्य (पदेन बाबू एवं कंप्यूटर ऑपरेटर) ललित कुमार अहिरवार से ईएमडी की राशि वापस कराने के लिए संपर्क किया। आरोप है कि ललित अहिरवार ने राशि वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 4 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

कार्यालय में रिश्वत लेते ही दबोचा………..

आवेदक की शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार 3 नवंबर को जाल बिछाया। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा के कार्यालय में जैसे ही आरोपी ललित कुमार अहिरवार ने आवेदक से 4 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

डीएसपी रेखा प्रजापति के नेतृत्व में कार्रवाई………..

लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश और पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह ट्रैप कार्रवाई की गई। दल में डीएसपी एवं ट्रैपकर्ता रेखा प्रजापति, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त इकाई के अन्य सदस्य शामिल रहे।