पशुओं की बेहतर देखभाल से ही एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की नींव रखी जा सकती है : डॉ. खाड़े, वीयू का 18 वां स्थापना दिवस मनाया गया


जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय का 18 वां स्थापना दिवस 3 नवंबर 2026 को हर्षोल्लास से पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय जबलपुर के सभागार में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो मनदीप शर्मा ने की मुख्य अतिथि डॉ सुदामा पी. खाडे, सचिव पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्य प्रदेश शासन रहे, विशिष्ट अतिथि के रुप संस्थापक कुलगुरू डॉ गोविंद प्रसाद मिश्रा, साथ ही कुलसचिव डॉ राखी वैश्य तथा अधिष्ठाता डॉ एस एस तोमर मंचासीन रहे|

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात सामूहिक राष्ट्रगीत व विश्वविद्यालय गीत प्रस्तुत किया गया। कुलगुरु के द्वारा मंचासीन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत पुष्प गुच्छ ,शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरू ने सभागार में उपस्थित सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत आनंद एवं उत्साह मनाने का है तथा अंतर मंथन करने का है कि हम और कैसे आगे राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने को आगे बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत – 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वाह करें।

हम अपने कार्य कुशलता से भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है । मुख्य अतिथि डॉ. सुदामा खाड़े ने अपने उद्बोधन में ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण की महत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मानव, पशु और पर्यावरण का स्वास्थ्य आपस में गहराई से जुड़ा हुआ है; पशुओं की बेहतर देखभाल से ही एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की नींव रखी जा सकती है।


अपने उद्बोधन भाषण में विशिष्ट अतिथि संस्थापक कुलगुरू डॉ गोविंद प्रसाद मिश्रा ने गत 17 वर्ष की किए गए कार्यों की उपलब्धि की सराहना करते हुए बधाई दी तथा आने वाले समय में विश्वविद्यालय उत्तरोत्तर प्रगति करें यह कामना की। विश्वविद्यालय कुल सचिव डॉ राखी वैश्य ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियां की जानकारी साझा की।

इस कार्यक्रम में स्नातकोत्तर के छात्रा अपूर्वा डे मजूमदार ने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के संस्मरण को बताया। साथी विश्वविद्यालय की संविदा कर्मी श्रीमती सपना श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय कि अब तक की यात्रा को एक सुखद व प्रगतिशील बताते हुए हर्ष व्यक्त किया।

कार्यक्रम में वेटरनरी कॉलेज जबलपुर, महू, रीवा एवं मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को योग्यता अनुसार मेरिट स्कॉलरशिप के चेक एवं पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन स्नातक पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में राहुल, अंशिका भदौरिया द्वितीय वर्ष में समृद्धि गुप्ता, अतिका मनोन एवं प्रियांशी अग्रवाल को तृतीय वर्ष में सोमेश्वर दास, देविका अनंत एवं दीप्तिशिखा सिंह को।चतुर्थ वर्ष में तृप्ति सिंह, श्रुति एस. नायर एवं आयुषी दुबे को प्रदान किए गए|

मत्स्य विज्ञान स्नातक (बीएफएससी) पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नीट-यूजी 2025 की मेरिट के आधार पर अंकुर पांडे को द्वितीय वर्ष के अमूल्या सोनी एवं तृतीय वर्ष की बुलबुल बेरेठा को।


पशु चिकित्सा विज्ञान स्नातकोत्तर (एमव्हीएससी) पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर एनिमल साइंस विषय के महर्षि त्रिपाठी एवं वेटरनरी साइंस विषय की बम्मिडी स्पृहा को द्वितीय वर्ष में एनिमल साइंस के सोमेश डी. हराले एवं वेटरनरी साइंस के उन्मादी गिरि प्रकाश रेड्डी को इसी प्रकार, मत्स्य विज्ञान स्नातकोत्तर (एमएफएससी) पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा अलसीफा खान को प्रदान की गई।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय की छ: पुस्तकों का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया जिसमें ‘द बाईनियल मार्क 2024 -26’- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट- अनुसंधान सेवाएं द्वारा,विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26, पशुपालन विस्तार पत्रिका विस्तार सेवाएं द्वारा, एनिमल हसबेंडरी डिप्लोमा की शैक्षणिक नियमावली।

आर वी सी मेरठ में प्री कमिश्नड प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया जिसमें लेफ्टिनेंट अंकुश किरण निरंजन लेफ्टिनेंट अपूर्व मिश्रा तथा लेफ्टिनेंट दीपिका हैं। गौरतलब है इस विश्वविद्यालय की नींव 2009 में रखी गई थी उसके बाद स्वतंत्र रूप से पशु चिकित्सा एवं पशुपालन के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने नए आयाम हासिल किए हैं।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के छात्र -छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के भूतपूर्व अधिकारी गण, प्राध्यापक गण वर्तमान पदाधिकारी डॉ आरके शर्मा,डॉ मधु स्वामी ,डॉ सुनील नायक, डॉ शशिकांत महाजन अधिष्ठाता मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, डॉ अपरा शाही , डा दास,डॉ आदित्य मिश्रा, डॉ मोहन सिंह ठाकुर डॉ आर वी सिंह ,डॉ घोष , डॉ सोना दुबे, डॉ रामकिंकर मिश्रा आदि, सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष, प्राध्यापक गण, कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में गठित समिति अध्यक्ष एवं सदस्यों का योगदान रहा। मंच संचालन डॉ पूनम शाक्य ने किया एवं आभार ज्ञापन अधिष्ठाता डा एस एस तोमर द्वारा दिया गया।