अधिवक्ता पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

*जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में वकालत करने वाले शिव नगर निवासी अधिवक्ता राबिन जैन पर रविवार देर रात करीब 12:30 बजे जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विजय ठाकुर नामक युवक ने फोन कर उन्हें कार्यालय के बाहर बुलाया, जहां पहले से मौजूद चार अन्य साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अधिवक्ता से जबरन रुपयों की मांग की और इनकार करने पर धारदार हथियार, बेसबॉल बैट एवं लाठियों से उनकी जमकर पिटाई की। हमले में गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय अधिवक्ता राबिन जैन अपने कार्यालय में बैठकर कामकाज निपटा रहे थे। इसी दौरान विजय ठाकुर का फोन आया और उसने उन्हें बाहर मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही राबिन कार्यालय से बाहर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद विजय ठाकुर, बिरजू, बिट्टू पांडे और दो अन्य अज्ञात युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि पांचों ने उनसे रुपयों की मांग की। अधिवक्ता द्वारा रकम देने से इनकार करने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से उनके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद उन्हें जमीन पर गिराकर बेसबॉल बैट और लाठियों से बेरहमी से पीटा। मारपीट में लहूलुहान होकर अधिवक्ता के अचेत होते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

**साथी अधिवक्ताओं में आक्रोश, थाने के घेराव की चेतावनी**

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग और साथी अधिवक्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल राबिन जैन को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। अधिवक्ता पर हुए हमले की खबर से वकीलों में आक्रोश व्याप्त है। साथी अधिवक्ता रोहित कुरैल ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी नामजद और अज्ञात हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया, तो अधिवक्ता एकजुट होकर कोतवाली थाने का घेराव करेंगे।

**कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी**

पीड़ित पक्ष के बयानों के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने नामजद एवं अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। घायल अधिवक्ता ने जांच अधिकारियों को बताया कि हमले में शामिल आरोपी कथित तौर पर आदतन अपराधी हैं और उनके विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोपियों को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका भी जताई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और मामले की जांच जारी है।