*जबलपुर।** एक तरफ नगर निगम जबलपुर शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर स्थान दिलाने और महानगर के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रविवार को शहर के कई प्रमुख बाजारों में सफाई व्यवस्था चरमराती नजर आई। गलगला, भर्तीपुर, गलगला लाल स्कूल और खटीकपुरा सहित आसपास के इलाकों में कचरा उठाने और झाड़ू लगाने का काम नहीं होने से सड़कों पर कचरे के ढेर जमा हो गए। इससे स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।कचरे के ढेर में भोजन तलाशते रहे आवारा मवेशीरविवार को कई इलाकों में सफाई नहीं होने के कारण सड़कों और दुकानों के सामने कचरा फैला रहा। कचरे के ढेर में भोजन की तलाश करते आवारा मवेशियों के कारण स्थिति और भी खराब नजर आई। बाजारों में फैली गंदगी से न केवल आसपास का वातावरण प्रभावित हुआ, बल्कि दुकानदारों को भी अपनी दुकानों के सामने बैठकर कारोबार करने में परेशानी हुई।स्थानीय व्यापारियों के लिए ग्राहकों को दुकान तक आकर्षित करना पहले ही चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में दुकानों के सामने कचरे के ढेर लगे रहने से ग्राहकी पर भी असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।शहर में सामान्य दिनों में सफाई होने के बावजूद रविवार को प्रमुख बाजारों में कचरा नहीं उठाए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबलपुर को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सप्ताह के सातों दिन नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।दीपावली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजारों और घरों से निकलने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ रही है। ऐसे समय में प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को गंदगी और दुर्गंध का सामना न करना पड़े।जबलपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन कराने और महानगरीय सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लक्ष्य के बीच जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी जरूरी है। रविवार जैसे व्यस्त बाजार दिवस पर भी कचरा उठाने और झाड़ू लगाने की व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि नगर निगम प्रशासन गलगला, भर्तीपुर, खटीकपुरा और अन्य प्रभावित इलाकों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है। शहरवासियों और व्यापारियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या पर ध्यान देकर सफाई व्यवस्था में सुधार करेंगे, ताकि जबलपुर को स्वच्छ बनाने का अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़कों और बाजारों में भी दिखाई दे।