पिछड़ों और गरीबों को अधिकारों से वंचित करना पड़ेगा महंगा, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पूर्व मंत्री राजमणि पटेल के उद्गार


जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल ने कहा कि पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को अपने हक, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि पिछड़ों और गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित करना सरकारों को महंगा पड़ेगा।


पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजमणि पटेल ने सामाजिक न्याय और समान अधिकारों के लिए एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनके लिए संगठित प्रयास करने होंगे।
सम्मेलन में वक्ताओं ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण बहाल करने, जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने, जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने, अमीर और गरीब के बच्चों को समान शिक्षा उपलब्ध कराने तथा निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने जैसे मुद्दे उठाए।

इसके अलावा ईवीएम के स्थान पर वैध मतपत्रों से चुनाव कराने, संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सभी वर्गों को अधिकार दिलाने और उनके स्वाभिमान एवं सम्मान की रक्षा करने की मांग भी की गई।


सम्मेलन में दिनेश यादव, पूर्व विधायक संजय यादव, सम्मति सैनी, मध्य प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र पटेल, टीकाराम कोष्टा, राजेश पटेल, रवि पटेल, विवेक पटेल, भेड़ाघाट अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका सोनी, विनीता यादव, नेकराम पटेल, सुशीला कनौजिया, प्रशांत चौरसिया, अलीम मंसूरी, मामूर गुड्डू, हरिशंकर विश्वकर्मा, रामरतन यादव और शिव नामदेव सहित अन्य लोगों ने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर बृज बिहारी पटेल, सुमन जैन, अशोक यादव, श्याम सोलंकी, राजेश पटेल, आयत खान, राजेन्द्र बंधु जैन, भूपेंद्र पटेल, लखन पटेल, अनिरुद्ध पटेल, नेतराज सिंह, चमन राय, सलामत उस्मानी और दिलावर खान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन नेक नारायण सिंह ने किया।