जबलपुर मध्य प्रदेश, अक्टूबर 2026: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी के व्यक्तिगत सुरक्षा बीमा कारोबार में सालाना आधार पर 47.2% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पेंशन और नियमित आय देने वाली वार्षिकी योजनाओं के कारोबार में 50% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्तिगत बीमा का कुल बीमित मूल्य सालाना आधार पर 34.9% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह ग्राहकों को मिलने वाले बीमा कवर में उल्लेखनीय विस्तार को दर्शाता है।
कंपनी का नया कारोबार प्रीमियम पहली छमाही में सालाना आधार पर 25% बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये हो गया। नए कारोबार का मूल्य (वीएनबी) 22.3% बढ़कर 1,283 करोड़ रुपये रहा, जबकि वीएनबी मार्जिन 26% दर्ज किया गया। इस दौरान, कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 26.5% की बढ़ोतरी के साथ 760 करोड़ रुपये पर पहुँच गया।
आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा, “ग्राहकों को प्राथमिकता देना हमेशा से आईसीआईसीआई लाइफ के कामकाज का मूल सिद्धांत रहा है और आने वाले वर्षों में भी हमारी सभी गतिविधियों का मार्गदर्शन यही सोच करेगी। सुरक्षा बीमा और वार्षिकी योजनाएँ हमारी दीर्घकालिक रणनीति के केंद्र में हैं। इनके माध्यम से हम भारत में उन जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, जिनके लिए अभी पर्याप्त बीमा कवरेज उपलब्ध नहीं है।“
उन्होंने कहा कि विविध वितरण नेटवर्क, नए और ग्राहक-केंद्रित उत्पादों, ग्राहकों को प्राथमिकता देने वाली बिक्री एवं सेवा व्यवस्था, उद्योग में बेहतर गुणवत्ता मानकों और मजबूत जोखिम व पूँजी प्रबंधन के दम पर कंपनी उभरते अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम है। हमारा लक्ष्य कारोबार, मुनाफे और जोखिम प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखते हुए नए कारोबार के मूल्य में लगातार और टिकाऊ वृद्धि हासिल करना है।
पहली छमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3% रहा। जिन दावों में जाँच की जरूरत नहीं थी, उनके निपटान में औसतन 1.1 दिन का समय लगा। इस अवधि में कंपनी ने 2,627 करोड़ रुपये के मृत्यु दावों का निपटान किया और परिपक्वता व उत्तरजीविता लाभ के रूप में 8,634 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इससे जरूरत के समय ग्राहकों को समय पर वित्तीय सुरक्षा और मानसिक सुकून देने की कंपनी की प्रतिबद्धता जाहिर होती है।
कंपनी का नाम बदलकर ‘आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड’ कर दिया गया है। यह 25 वर्षों के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस दौरान कंपनी ने 20 करोड़ से अधिक भारतीयों के सपनों और वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने में योगदान दिया है। नए दौर में भी सभी हितधारकों के लिए ‘हर कल आसान’ बनाने की प्रतिबद्धता ग्राहकों को प्राथमिकता देने की सोच के अनुरूप जारी रहेगी।वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी ने अपनी 54% बचत बीमा पॉलिसीज़ उसी दिन जारी कीं, जिस दिन उनके लिए आवेदन किया गया था। जीएसटी को छोड़कर प्रीमियम के मुकाबले लागत का अनुपात सालाना आधार पर 30 आधार अंक घटकर 18.3% रह गया। वहीं, बचत बीमा कारोबार में यह अनुपात 90 आधार अंक घटकर 11.6% पर आ गया।
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