जबलपुर। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने वाले जबलपुर निवासी दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन में हुई संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। चार मंजिला इमारत से गिरकर हुई मौत को शुरुआती तौर पर आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन मृतक के परिजन इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। परिवार ने आश्रम में बेटे से मुलाकात नहीं होने देने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग की है।
मां बोलीं— बेटे से मिलने नहीं दिया…..
मृतक की मां लौंग बाई ने आरोप लगाया कि दीक्षा लेने के बाद से ही उनके बेटे से उनका संपर्क लगभग समाप्त हो गया था। वह बेटे से मिलने के लिए वृंदावन गईं, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। मां ने बताया कि वह दो बार बेटे से मिलने पहुंचीं, लेकिन आश्रम की ओर से मुलाकात नहीं होने दी गई। एक बार दीक्षा के कुछ दिन बाद और दूसरी बार इसी वर्ष पुरुषोत्तम मास में वह वृंदावन गई थीं।
परिजनों का कहना है कि जब भी वे दीपक से मिलने वृंदावन पहुंचते थे, उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता था। परिवार के आरोप के अनुसार कई बार घंटों ही नहीं, बल्कि दो-दो और तीन-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता था, इसके बावजूद दीपक से मुलाकात नहीं हो पाती थी। परिवार इसी बात को लेकर सवाल उठा रहा है कि आखिर दीक्षा के बाद ऐसा क्या हुआ कि उनका अपने ही परिवार से संपर्क इतना सीमित हो गया।
परिजनों को बताई गई तबीयत खराब….
परिवार के अनुसार घटना की सूचना मिलने पर शुरुआत में उन्हें यह बताया गया कि दीपक की तबीयत खराब है और वे वृंदावन पहुंचें। बेटे की सलामती की उम्मीद में परिवार जबलपुर से वृंदावन रवाना हुआ। मृतक के बहनोई सोनू पटेल ने आरोप लगाया कि परिवार के लोग शाम करीब पांच बजे आश्रम पहुंचे, लेकिन उन्हें काफी देर तक बैठाकर रखा गया। परिवार को बताया गया कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन चल रहा है। परिजनों का दावा है कि रात करीब नौ बजे तक भी उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया गया।
बाद में पोस्टमार्टम गृह में शव देखा। परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बाद आश्रम की ओर से अस्पताल अथवा पोस्टमार्टम गृह तक उनकी सहायता के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।
शरीर पर गंभीर चोट……
मामला इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि पुलिस को दीपक के कमरे से खून लगा ग्राइंडर मिला। रिपोर्ट में शरीर के निजी अंग पर गंभीर चोट की बात भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि यह चोट स्वयं लगी अथवा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। मोबाइल फोन, डायरी, ग्राइंडर और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जांच के दायरे में हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दीपक को घटना से कुछ समय पहले कमरे से बाहर निकलते हुए और बाद में चौथी मंजिल से नीचे गिरते हुए देखा गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार फुटेज में वह कुछ समय तक भवन के बाहर बेचैनी की हालत में घूमते भी दिखाई दिए। पुलिस फुटेज के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था।
पोस्टमार्टम में हेमोरेजिक शॉक……….
28 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमार्टम में मौत का कारण हेमोरेजिक शॉक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक अत्यधिक रक्तस्राव के कारण यह स्थिति बनी। रिपोर्ट में सिर, पीठ और पैर सहित शरीर पर चोटों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इन चोटों की परिस्थितियां और घटना से पहले क्या हुआ, इसकी जांच अभी जारी है।
दो साल पहले ली थी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा……..
जबलपुर के नर्मदा बस्ती क्षेत्र के परसवाड़ा/फरहदुली निवासी दीपक लोधी की धार्मिक गतिविधियों में बचपन से रुचि बताई गई है। परिजनों के अनुसार उन्होंने दादा गुरु के सान्निध्य में करीब तीन हजार किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा भी की थी। इसके बाद उनका झुकाव आध्यात्म और भक्ति की ओर बढ़ा। वर्ष 2024 के आसपास उन्होंने वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया।
दीपक बिजली का काम जानते थे और इसी कारण आश्रम में उन्हें बिजली से संबंधित सेवा का काम दिया गया था। परिजनों के अनुसार घटना से करीब तीन महीने पहले उन्हें गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर रहने के लिए कमरा दिया गया था।
परिवार ने एसपी सिटी को दिया शिकायती पत्र…….
मृतक के भाई मनीष पटेल ने पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर मौत की हर पहलू से जांच की मांग की है। पुलिस ने भी मामले में मोबाइल की सीडीआर सहित अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। पिता चेतन/चेतराम पटेल, मां लौंग बाई, भाई मनीष तथा अन्य परिजन मौत की परिस्थितियों की पूरी जांच चाहते हैं। फिलहाल मौत को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट काटा……
रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया, साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसमें सिर, पैर, कमर और प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान मिले| प्राथमिक जांच के अनुसार, रसिक दुलारी ने खुद ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट काटा था, उसके बाद खून से लथपथ धोती के साथ कूद गए थे|
आखिर क्या है मौत की वजह ………..
हैरान कर देने वाली बात यह है कि कोई खुद का प्राईवेट पार्ट कैसे काट सकता है| इतना ही नहीं इस दौरान कमरे से चीखने तक की आवाज भी नहीं आई थी| दूसरी तरफ आश्रम के लोगों से पूछने से भी कुछ नहीं पता चल सका यह घटना पुलिस के लिए भी एक पहेली बन गई है कि रसिक दुलारी शरण ने अगर सुसाइड किया तो क्यों किया ? और अपना प्राइवेट पार्ट काटने की कोशिश की
सीसीटीव्ही फुटेज आया सामने…………….
दूसरी तरफ सीसीटीव्ही फुटेज भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि रसिक दुलारी शरण अचानक इमारत की चौथी मंजिल लगभग 40 फुट की ऊंचाई से सीधे नीचे सड़क पर आ गिरे और उनकी मौत हो गई|