जबलपुर। संतान सप्तमी का पर्व पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना कर व्रत रखा और मालपुआ के साथ पूजा अर्चना कर भगवान शंकर और माता पार्वती की प्रार्थना की। संतान सप्तमी पर चांदी की चूड़ियां और चांदी की अंगूठी की पूजा कर उसमें चांदी की मात्रा की वृद्धि की गई। ताकि संतान की उम्र में भी वृद्धि हो सके।
ज्योतिषाचार्य पी.एल.गौतमाचार्य ने बताया कि भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है, इस पर्व में भगवान शंकर तथा माता पार्वती की पूजा का विधान है। महिलाएं इस व्रत को उत्तम संतान प्राप्ति की कामना और संतान की लंबी आयु की कामना को लेकर रखती हैं। सुबह से स्नान ध्यान कर महिलाएं व्रत रहती हैं। चांदी की अंगूठी या चूड़ी में हर साल थोड़ी थोड़ी सी चांदी की वृद्धि कराकर उसे दूध में धोकर संतान के नाम से धारण करती हैं और पूजा अर्चना कर भगवान से अपनी संतान की उन्नति की कामना करती हैं।