जबलपुर। कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदा मामले में निलंबित तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया की ओर से दायर याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। याचिका में कटनी के कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।मामला कटनी के कन्हवारा क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है। प्रकरण में आरोप है कि करीब 1.07 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री महज 18 लाख रुपये में कराई गई। इसी कथित जमीन सौदे को लेकर कुठला थाना पुलिस ने नेहा पच्चीसिया और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में जमीन के वास्तविक मूल्य और रजिस्ट्री में दर्शाई गई कीमत को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से राहत के लिए नेहा पच्चीसिया ने अग्रिम जमानत की मांग की थी। हालांकि, कटनी जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख करते हुए एफआईआर को ही निरस्त किए जाने की मांग की।बुधवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से भी मामले में दलीलें पेश की गईं। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और फैसला सुरक्षित है।