साझी विरासत राखी महोत्सव में गूंजा प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश

जबलपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर), जबलपुर द्वारा “साझी विरासत राखी महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में प्रेम, आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि रिश्ते किसी धर्म, जाति या समुदाय से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और इंसानियत से बनते हैं।
जिला कांग्रेस (शहर), जबलपुर  अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने  बताया कि भारत की पहचान हमेशा से अनेकता में एकता रही है। हमारे देश में अलग-अलग धर्मों, जातियों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं। हमारी यही साझी संस्कृति और आपसी भाईचारा देश की सबसे बड़ी ताकत है।शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें केवल एक धागा बांधने का संदेश नहीं देता, बल्कि यह भी सिखाता है कि हम एक-दूसरे की भावनाओं और सम्मान की रक्षा करें। समाज में नफरत और दूरी बढ़ाने के बजाय प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता है।कार्यक्रम में खादी की राखियों का भी विशेष महत्व रहा। खादी की राखी के माध्यम से सामाजिक एकता के साथ स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया। खादी से जुड़ी राखियों को बढ़ावा देकर स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी किया गया।सौरभ नाटी शर्मा ने कहा कि हमारे त्योहार केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के साथ खड़े होने का संदेश भी देते हैं। रक्षाबंधन का पर्व हमें संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम समाज में किसी भी तरह के भेदभाव और नफरत को बढ़ावा नहीं देंगे तथा हर व्यक्ति के साथ सम्मान और प्रेम से व्यवहार करेंगे।साझी विरासत राखी महोत्सव” में शामिल लोगों ने आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि समाज में शांति, प्रेम और एकता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि राखी का धागा केवल कलाई पर नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ता है। धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत और भाईचारे को मजबूत करना ही रक्षाबंधन के पर्व की सच्ची भावना है।
आज के कार्यक्रम में श्री लखन घनघोरिया, दिनेश यादव, गीता शरत तिवारी, अमरीश मिश्रा, सरबजीत सिंह रील, बंटी गुप्ता, गुड्डू नबी, आलोक गुप्ता, आरिफ़ बेग, अमरचंद बाबरिया, देवकी पटेल, खुर्शीद अंसारी, पुष्कल शर्मा, राजेश दीवान, आसिफ़ इक़बाल, कीर्ति सिंह, समर्थ अवस्थी, रिज़वान अली कोटी, रंजीत सिंह ठाकुर, असलम खान, विक्रम ठाकुर, तबस्सुम अंसारी, मोनिका सिंह, अफसाना अंसारी, पूजा सिंह, कामिल भाई, श्वेता सेमुअल, अशोक यादव, सतीश सराठे, राजकुमार सोनी, ज़फर खान, आदि उपस्थित थे!