रक्षाबंधन से पहले महंगाई की मार, चीनी-प्याज के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा बजट


जबलपुर। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में हो रही वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेता सरदार दलवीर सिंह जस्सल और सुमन कुमार जैन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि त्योहार के समय खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अचानक वृद्धि का सीधा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि चीनी और प्याज के दामों में हाल के दिनों में तेजी चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि चीनी के दाम करीब 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं प्याज की कीमत भी 20 से बढ़कर करीब 40 रुपये किलो हो गई है।
नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में सब्जियों और खाद्य तेल की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका है। यदि ऐसा होता है तो महंगाई आम आदमी के घरेलू बजट को और प्रभावित करेगी।
संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के पीछे उत्पादन, मांग और बाजार में उपलब्धता सहित कई कारण हो सकते हैं। सरकार को इन सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा कर वास्तविक कारणों का पता लगाना चाहिए। यदि उत्पादन में कमी है तो किसानों और चीनी उद्योग को प्रोत्साहन देकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग के अनुरूप बाजार में पर्याप्त भंडार और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी निगरानी रखते हुए दोषियों के खिलाफ समय रहते कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अल्पसंख्यक कांग्रेस नेताओं ने सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि आम जनता को रोजमर्रा की जरूरत का सामान उचित कीमत पर मिल सके। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर महंगाई के कारण मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के घरों की खुशियों और मिठास पर असर नहीं पड़ना चाहिए।