जबलपुर। जबलपुर में प्रदेश का प्रथम तथा एकमात्र डेयरी स्टेट है, यह बताकर मंत्री, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन ने डेयरी स्टेट खम्हरिया का उद्घाटन 24 फरवरी 2022 को किया, तथा घोषणा की कि नर्मदा, परियट तथा गौर के किनारे बसी डेयरियां इस डेयरी स्टेट पर शिफ्ट की जायेंगी। उद्घाटन के बाद इस प्रोजेक्ट को आज साढ़े चार साल पूरे हो गये, लेकिन इस परियोजना की न तो जनप्रतिनिधियों न ही प्रशासन ने सुध ली।
नतिजन अब वहां पर मात्र 6 डेयरियां है, तथा 80 प्रतिशत प्लाट्स खाली पड़े है। चिंता का विषय है कि इस प्रोजेक्ट में कोई भी बजट आवंटित नहीं किया गया है। पिछले 2 वर्षों से वहां पर पूर्णकालीन कार्यपालन अधिकारी पदस्थ ही नहीं किया गया। वर्तमान में तो इस पद पर कोई भी पदस्थ नहीं है।
इस वस्तुस्थिति पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्यों ने तख्तियां दिखाकर आक्रोश व्यक्त किया।
जबलपुर का गौरव है डेयरी स्टेट…………
डॉ. पी.जी.नाजपाण्डे ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि नर्मदा, परियट और गौर को डेयरियों के अपशिष्ट से मुक्त करने हेतु हाईकोर्ट तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में वर्ष 1998 से लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद यह डेयरी स्टेट मिला है। वह आज जबलपुर का गौरव है साथ ही देश के लिए एक मॉडल भी है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री ने नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त करने हेतु इस प्रोजेक्ट को नर्मदा सेवा यात्रा में भी शामिल किया था। चर्चा के बाद कलेक्टर जबलपुर ने शीत ही कार्यवाही करने के आदेश जारी कर दिये है।
इस अवसर पर मनीष शर्मा, सुशीला कनौजिया, गीता पाण्डे, पी.एस. राजपूत, यशवंत कोष्टा, अशोक यादव, प्रफुल्ल सक्सेना, श्याम सोलंकी, तथा राममिलन शर्मा उपस्थित थे।