5 हजार की रिश्वत लेते नारायणगंज में बाबू गिरफ्तार

मंडला/ जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में मंडला जिले के नारायणगंज स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 (बाबू) को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी कर्मचारी ने एक भृत्य से जीपीएफ की राशि निकलवाने के एवज में कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ, जिसकी पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।लोकायुक्त के अनुसार आरोपी नोखेलाल बेलिया, पिता स्वर्गीय राम सिंह बेलिया, उम्र 58 वर्ष, सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, नारायणगंज, जिला मंडला में पदस्थ है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

जीपीएफ के एक लाख के भुगतान के बाद मांगा पारितोषिक

शिकायतकर्ता दशरथ लाल बरमैया सिवनी माल कन्या आश्रम, विकासखंड नारायणगंज में भृत्य के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपने जीपीएफ से एक लाख रुपये निकालने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया था। शिकायत के मुताबिक जीपीएफ की राशि प्राप्त होने के बाद कार्यालय में पदस्थ नोखेलाल बेलिया ने कथित तौर पर राशि निकलवाने के बदले 10 हजार रुपये पारितोषिक के रूप में मांगे।

रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर से की। शिकायत का सत्यापन कराया गया। इस दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच हुई बातचीत में आरोपी 8 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया।

पहली किस्त लेते ही दबोचा

शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार 13 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता तय रकम की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारायणगंज पहुंचा। जैसे ही आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।

कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त मध्य प्रदेश भोपाल योगेश देशमुख के निर्देशन तथा पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के नेतृत्व में की गई। ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक एवं ट्रैप लीडिंग ऑफिसर रेखा प्रजापति, निरीक्षक उमा कुशवाह सहित लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की जाए, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।