भगवान शिव के जलाभिषेक से पापों का छाय होता है : जगतगुरु डा स्वामी नरसिंह देवाचार्य

जबलपुर – श्रावण मास शिव को सबसे प्रिय है। शिव सुता नर्मदा के किनारे नर्मदा जल से अभिषेक करने मात्र से जन्म जन्मांतर के पापों का क्षय हो जाता है। महाराज जी ने कहा किगोस्वामी तुलसीदास जी हमें सावधान करते हैं कि संसार में ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें बिना कारण दूसरों का अहित करने में ही सुख मिलता है। ऐसे व्यक्तियों से द्वेष नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण दूरी ही जीवन की शांति का मार्ग है।
श्रावण मास हमें भगवान शिव की भाँति विष को कंठ में धारण कर अमृतस्वरूप करुणा, धैर्य रखकर जगत कल्याण का संदेश देता है। हमें पावन महीने में संकल्प लेना चाहिए कि किसी के जीवन में पीड़ा नहीं, बल्कि प्रेम, सहयोग और सद्भाव का कारण बनेंगे।
भोलेनाथ की कृपा और जीवन स्वास्थ्य, परिवार में शांति, भक्ति और मंगल से परिपूर्ण हो इसी कामना से भगवान भोलेनाथ की श्रावण मास में आराधना करनी चाहिए उक्त उद्गार जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने नरसिंह मंदिर में श्रावण मास महोत्सव के प्रथम दिवस रूद्राभिषेक में कहे।
श्रावण मास में नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज में प्रतिदिन प्रातः काल 9 बजे से रूद्राभिषेक, महापूजन अभिषेक महाआरती महाराज जी के सानिध्य में आयोजित है।
नर्मदेश्वर महादेव के महाभिषेक में श्रीराम पांडेय उर्मिला यादव ,सतीश मिश्रा, आचार्य रामफल शास्त्री ,कामता शास्त्री सहित भक्तों की उपस्थित रही।