आयुष्मान भारत योजना से 3 माह की त्रिशा को मिला नया जीवन

जबलपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और आयुष्मान भारत योजना के समन्वित प्रयास से जबलपुर की तीन माह की बालिका त्रिशा विश्वकर्मा को समय पर उपचार मिल सका। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बालिका की मुंबई स्थित नारायणा हृदयालय में निःशुल्क सफल सर्जरी की गई, जिससे उसे नया जीवन मिला।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से मिली जानकारी के अनुसार, साईंस कॉलेज बस्ती, पचपेड़ी निवासी प्रदीप कुमार विश्वकर्मा की तीन माह की पुत्री त्रिशा हृदय रोग से ग्रसित थी। मामले की जानकारी मिलते ही डीईआईएम ने इसकी अनुशंसा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन कोठारी को भेजी। इसके बाद सीएमएचओ के निर्देश पर जिला नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ. अमजद खान और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिजनों की सहमति से बालिका को मुंबई के नारायणा हृदयालय रेफर किया।20 जुलाई 2026 को आयुष्मान भारत योजना के तहत त्रिशा की हृदय सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उपचार के बाद बालिका की स्थिति में सुधार है और परिवार ने राहत की सांस ली है।