,जबलपुर। मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित विभाजन को लेकर जबलपुर में विरोध तेज हो गया है। शनिवार को नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने टाउन हॉल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन कर प्रदेश के राज्यपाल से विभाजन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने “गांधी जी, जबलपुर को बचाइए” का संदेश देते हुए इस निर्णय को शहर के हितों के विरुद्ध बताया।मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन का प्रस्ताव विधानसभा से पारित होकर अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। उनका आरोप है कि प्रस्ताव में जबलपुर के साथ भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार उज्जैन को 6 संभाग और 31 जिले, जबकि जबलपुर को केवल 4 संभाग और 24 जिले दिए गए हैं, जबकि क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से जबलपुर बड़ा क्षेत्र है।
डॉ. नाजपांडे ने कहा कि इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ तो जबलपुर की प्रशासनिक और शैक्षणिक साख प्रभावित होगी। इसलिए जन संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर महामहिम राज्यपाल से मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया है।प्रदर्शन में स्वगत भार्गव, टी.के. राजपूतक, एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, सुभाष चंद्रा, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, डी.के. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, पी.एस. राजपूत, माया कुशवाहा, यशवंत कोष्ठा, बी.एल. कमलाकर, के.टी. सोनी, उमा दाहिया, पूर्णिमा नायडू, एडवोकेट बृजेश साहू, श्याम सोलंकी, कंचन पटेल, अशोक यादव, अनिल गुप्ता और राममिलन शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।