फर्जी आयुष्मान कार्ड से लाखों का इलाज!


जबलपुर। गरीबों के इलाज के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना में कथित फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला जबलपुर में सामने आया है। शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में पदस्थ एक कर्मचारी पर खुद को अविवाहित बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाने और उसी कार्ड से वर्षों तक लाखों रुपये का इलाज कराने का आरोप लगा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर हुई जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। अब मामले में वैधानिक कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज होने की भी संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार 7 जुलाई 2026 को जबलपुर निवासी सुमित कुमार ने कलेक्टर को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि शासकीय कला निकेतन पॉलिटेक्निक कॉलेज में पदस्थ यूडीसी सुनील कुमार जाट विवाहित हैं और उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे तथा दो बेटियां हैं। इसके बावजूद उन्होंने आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए खुद को अविवाहित दर्शाया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कर्मचारी ने दो अलग-अलग समग्र आईडी बनवाईं। एक समग्र आईडी में उनका पूरा परिवार दर्ज है, जबकि दूसरी आईडी में उन्होंने खुद को एक पात्र हितग्राही का दत्तक सदस्य (एडॉप्टेड) दर्शाकर नाम जुड़वाया और उसी आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवा लिया।
शिकायत के साथ समग्र आईडी और आयुष्मान योजना से जुड़े दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे गए थे। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनाए गए आयुष्मान कार्ड का उपयोग वर्ष 2023 से शहर के एक निजी अस्पताल में डायलिसिस सहित अन्य उपचार के लिए किया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि आयुष्मान योजना से जुड़े अधिकारियों द्वारा की गई जांच में शिकायत सही पाई गई है। प्रारंभिक जांच में समग्र आईडी में हेरफेर कर योजना का लाभ लेने के प्रमाण मिले हैं। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जिला प्रशासन के स्तर से की जाएगी।
इस मामले ने आयुष्मान योजना की पात्रता जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन केवल लाभ की वसूली तक सीमित रहता है या फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजना का लाभ लेने के आरोप में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाता है।