राज्यसभा चुनाव नामांकन निरस्त मामला हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जबलपुर पहुंचीं मीनाक्षी

जबलपुर। कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जबलपुर पहुंचीं। रेलमार्ग से शहर पहुंचने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा कांग्रेस से बदल के नगर अध्यक्ष सतीश तिवारी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।हाईकोर्ट जाने से पहले संवाददाताओं से चर्चा में मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि उनका राज्यसभा चुनाव का नामांकन निरस्त कर दिया गया था। इसी निर्णय को चुनौती देने और न्यायिक राहत की मांग को लेकर वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में न्यायालय उचित निर्णय देगा।

इस दौरान उन्होंने समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। संविधान के दायरे में अपनी बात रखने वाले छात्रों और नागरिकों पर बल प्रयोग को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास उचित नहीं है।

मीनाक्षी नटराजन ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और अन्य जन आंदोलनों में भी सरकार ने विरोध के स्वर को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपनी बात रखने का अधिकार है और यह संघर्ष सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी नीतियों के विरोध का लोकतांत्रिक माध्यम है।

उन्होंने कहा कि युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यसभा चुनाव से जुड़े मामले में न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा।