ओवररेट में बिक रही शराब, आबकारी विभाग मौन


जबलपुर। शहर में शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई दुकानों पर शराब की बोतलों, बीयर और अन्य मदिरा उत्पादों पर अधिक राशि ली जा रही है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देने पर सवाल उठने लगे हैं।
शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दुकानों पर प्रति बोतल 50 रुपये तक, बीयर पर 10 से 20 रुपये और कुछ अन्य उत्पादों पर भी निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि कई स्थानों पर ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करने से मना कर दिया जाता है और कई ग्राहकों को बिल भी उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे शिकायत करना भी मुश्किल हो जाता है।
शहर में यह चर्चा भी है कि शराब कारोबार में संचालित दुकानों के बीच एक जैसी दरों पर वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि अलग-अलग दुकानों पर लगभग समान तरीके से अतिरिक्त राशि ली जा रही है, तो इसकी जांच आवश्यक है।
लगातार शिकायतों और समय-समय पर प्रकाशित समाचारों के बावजूद आबकारी विभाग की ओर से व्यापक जांच या सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाली कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि कहीं भी निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली हो रही है तो संबंधित दुकानों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ताओं की मांग है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर शराब दुकानों पर एमआरपी का पालन, बिल देने की अनिवार्यता और डिजिटल भुगतान की सुविधा सुनिश्चित कराएं। उनका कहना है कि यदि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए तो उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह केवल उपभोक्ता अधिकारों का ही नहीं, बल्कि नियमों के पालन और प्रशासनिक निगरानी का भी गंभीर प्रश्न होगा।