स्मार्ट सिटी के ‘स्मार्ट गड्ढे’:स्वच्छता की दीवारों के सामने गंदगी

जबलपुर। स्मार्ट सिटी और स्वच्छता में लगातार उपलब्धियों का दावा करने वाले जबलपुर में जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। छोटी ओमती, कोठी मेडिकल और जिला न्यायालय मार्ग पर सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों और गंदगी से अटी पड़ी हैं। विडंबना यह है कि जिन स्थानों पर स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत आकर्षक वॉल पेंटिंग कर शहर की सुंदरता का संदेश दिया गया है, उन्हीं दीवारों के सामने कचरे के ढेर और बदहाल सड़कें नगर निगम के दावों की पोल खोल रही हैं।
नगर निगम का दावा है कि शहर के 90 प्रतिशत गड्ढे भर दिए गए हैं, लेकिन इन प्रमुख मार्गों की स्थिति इस दावे पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों पर तत्काल पैचवर्क की आवश्यकता है, वहां महीनों से कोई मरम्मत नहीं हुई। दूसरी ओर, जिन स्थानों पर इसकी विशेष जरूरत नहीं है, वहां विकास कार्य और पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। इससे नगर निगम की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।नागरिकों का कहना है कि यदि नगर निगम समय रहते इन मार्गों पर पैचवर्क और नियमित सफाई करा दे, तो न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि स्वच्छ और स्मार्ट शहर की छवि भी मजबूत होगी। फिलहाल छोटी ओमती, कोठी मेडिकल और जिला न्यायालय मार्ग पर फैले गड्ढे और गंदगी यही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या स्मार्ट सिटी में ऐसी बदहाल सड़कें ही विकास की नई पहचान हैं?