जबलपुर। शहर की पॉश कॉलोनी में शुमार रामपुर एमपीईबी स्थित नयागांव हाउसिंग सोसायटी में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या अब रहवासियों की सुरक्षा और आवाजाही के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में घूमने वाले आवारा श्वान अचानक लोगों पर हमला कर देते हैं और दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। कुत्तों से बचने की कोशिश में एक बाइक सवार के नाले में गिरने की बात भी सामने आई है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहवासियों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए नगर निगम आयुक्त, जबलपुर से दो सप्ताह के भीतर जांच कर कार्रवाई का प्रतिवेदन मांगा है।नयागांव हाउसिंग सोसायटी के रहवासियों के अनुसार, कॉलोनी में आवारा कुत्तों की मौजूदगी और उनके आक्रामक व्यवहार के कारण लोगों में डर का माहौल है। आरोप है कि श्वान राह चलते लोगों पर झपटते हैं और वाहनों का पीछा करते हैं। इससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।रहवासियों का कहना है कि कुत्तों के हमले की आशंका के चलते सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासी सिद्धार्थ सेठ ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी की थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हो सका है।मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जनहित में मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की मुख्यपीठ भोपाल में सुनवाई के दौरान अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकारों के हनन से जुड़ा मामला मानते हुए कार्रवाई की है।आयोग ने जबलपुर नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया है कि मामले की जांच कराई जाए और अब तक की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए।