जबलपुर – श्रावण मास में शिव पूजन और शिव स्मरण करना चाहिए।भगवान शिव अपनी जटाओं में माँ गंगा को क्यों धारण करते हैं, आपके पास उच्च विचारों की,आदर्श विचारों की पवित्र विचारों की एवं ज्ञान की गंगा होगी तो संसार की विषम परिस्थितियाँ आपको प्रभावित नहीं कर पाएंगी।इस दुनिया में आगे बढ़ने के लिए और शांति पाने के लिए आवश्यक है कि अपने आप को सकारात्मक,ज्ञानमय व आदर्शमय विचारों से सम्पन्न रखा जाए।छोटी-छोटी बातों से खिन्न हो जाना,उदास हो जाना,निराश हो जाना,यह दुःख को आमंत्रण देने जैसा है।दुःख का बहुत ज्यादा स्मरण रखने से कई बार दुःख मन में इस तरह प्रवेश कर जाता है कि फिर जीवन भी दुःखमय ही लगने लगता है।शिवजी की तरह ज्ञान की गंगा में,भगवद् चिन्तन की गंगा में,भगवद् भजन की गंगा में नहाओ ताकि आपका संपूर्ण जीवन आनंदमय बन सके ,उक्त उद्गार जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने नरसिंह मंदिर में श्रावण मास महोत्सव के रूद्राभिषेक महापूजन में कहे।महाभिषेक में सतीश गोमती मिश्रा , इन्दु राजेंद्र प्यासी, लोकराम कोरी,इंदू प्यासी राजेंद्र प्यासी , ब्रह्मचारी हिमांशु कामता शास्त्री, रामफल शास्त्री ,रामजी पुजारी, लालमन मिश्रा, प्रियांशु शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।