आस्था और श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया श्रीगुरुग्रंथ साहिब का प्रकाशोत्सव

जबलपुर/ दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध रागी जत्था भाई गुरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह एवं साजिंदे साथीगण शास्त्रीत संगीत शैली में सुमधुर गुरुवाणी शबद कीर्तन “सन्ता के कारज आप खलोया हरि कम करावण आया राम” का गायन कर रहे थे, तो वहीं गुरुवाणी रस में आकंठ डूबे श्रद्धालु सतनाम वाहेगुरु का जाप, नाम सिमरन कर रहे थे। सिख धर्म के सर्वोच्च गुरु, शब्दावतार साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पवित्र प्रकाशोत्सव गुरुद्वारा गुरुवाणी प्रचार सभा हाथीताल के नेतृत्व में पूर्ण आस्था, विश्वास और श्रद्धा भक्ति के साथ उल्लासपूर्वक मनाया गया । इस दौरान प्रसिद्ध गुरमत विचारक ज्ञानी वरिंदर पाल सिंह, देहरादून ने गुरुवाणी मीमांसा करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्वबन्धुत्व और समरसता की ऐसी अनूठी मिसाल हैं, जिसका कोई सानी नहीं। गुरुग्रंथ साहिब में दर्ज 15 हिंदू और मुस्लिम भक्तों के साथ ही सिख गुरुओं की पवित्र गुरुवाणी एकेश्वरवाद और ईश्वर से सीधे जुड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। यहां, रागी जत्था भाई जरनैल सिंह, अखंड कीर्तनी जत्था, स्त्री सत्संग सभा आदि ने भी गुरुवाणी शबद कीर्तन पेश कर साध संगत को रसविभोर किया । गुरु का लंगर दिनभर वितरित किया गया । मुख्य ग्रंथी भाई जोगिंदर सिंह ने अरदास प्रार्थना के बाद मुख्वाक का श्रवण करवाया । तदोपरान्त कड़ाह प्रसाद वितरण के साथ सोल्लास समापन हुआ। इस मौके पर संस्कारधानी के गर्व गौरव इंडियन आईडियल के प्रथम उप विजेता एवं चर्चित गायक कनिष्क शुक्ला सहित विविध विधाओं में पारंगत छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सचिव फुलवीर सिंह फूल ने किया। आयोजन की सफलता में प्रधान हरदेव सिंह सचिव सुरिंदर सिंह सेठी, हरजीत सिंह कपूर, जतिंदर पाल सिंह ओबेरॉय, चरणजीत सिंह चन्नी, हरमीत सिंह रील, फुलवीर सिंह फूल एवं आयोजन समिति का उल्लेखनीय योगदान रहा ।