जबलपुर । जिले की तहसील सिहोरा में अस्वच्छ कर परिस्थिति में ड्रिकिंग वॉटर बनाने वाले एक कथित वॉटर प्लांट पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शनिवार की सुबह छापा मार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में ड्रिकिंग वॉटर के पाउच जब्त किए, जिन्हे नगर पालिका के माध्यम से नष्ट करा दिया| खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे के मुताबिक जिले के सिहोरा सिविल कोर्ट के पीछे संचालित इस पैक्ड ड्रिंकिग वॉटर प्लांट में रीवा की एक कंपनी के पाउच खरीदकर उसमें पानी पैक किया जा रहा है| वॉटर प्लांट के पास फूड सेफ्टी का लायसेंस भी नहीं था और प्लांट में भारी गदंगी भी थी| इस प्लांट को मंयक त्रिपाठी संचालित कर रहे थे| विभाग द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि सिहोरा न्यायालय के पीछे मयंक बिबरिजेस प्लांट में छापे मारी की गई| यहां पर नियम विरुद्ध प्लांट का संचालन हो रहा था और अस्वच्छ परिस्थिति में ड्रिकिंग वॉटर के पाउच पैक किए जा रहे थे| जांच में यह भी बात सामने आई कि मयंक बिबरिजे के पास फूड सेफ्टी लायसेंस नहीं था, और जो पानी के पाउच जिस नाम से पैक किए जा रहे थे इससे इनका का कोई लेना देना नही है| दरअसल मां वैष्णव बिबरेज मैदानी गांव रीवा के नाम के पाउच मयंक बिबरेज द्वारा खरीद गए और उसमें फर्जी नाम से पानी की पैकिंग की जा रही है| प्लांट में कई तरह की खामियां मिली| प्लांट को सील कर दिया गया है|
खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी मयंक त्रिपाठी रीवा के एक शख्स से पानी पाउच का प्लास्टिक रोल खरीदकर लाया था। उन्होंने बताया कि मयंक एक साल से फैक्ट्री संचालित कर रहा है। यहां अक्सर रात को या फिर छुट्टी वाले दिन फैक्ट्री खोलकर पानी के पाउच तैयार किए जाते थे। कार्रवाई के दौरान जिला खाद्य अधिकारी देवेंद्र दुबे के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संजय गुप्ता भी मौजूद रहे।