जबलपुर। आम आदमी की रसोई में मिठास घोलने वाली शक्कर अब महंगाई की ऐसी कड़वाहट दे रही है कि घर का बजट बिगड़ने लगा है। पिछले महज पांच दिनों में शक्कर के दाम में करीब 10 प्रति किलो का उछाल आया है। थोक बाजार में भाव बढ़कर लगभग 6150 प्रति क्विंटल पहुंच गया है, जिसके चलते फुटकर बाजार में शक्कर का भाव 65 किलो तक पहुंचने की संभावना है। रोजमर्रा की इस जरूरी वस्तु के अचानक महंगे होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
बाजार में शक्कर के दाम बढ़ने की फिलहाल कोई स्पष्ट वजह कारोबारी नहीं बता रहे हैं। हालांकि व्यापारियों के बीच चर्चा है कि गन्ने के बढ़ते उपयोग, खासकर एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल में बढ़ोतरी, से शक्कर के लिए उपलब्धता और मांग का संतुलन प्रभावित हुआ है। इसका असर सीधे बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है।
महंगाई का असर पहले ही रसोई के बजट पर पड़ा हुआ है, ऐसे में शक्कर के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि जिस शक्कर की कीमत कुछ दिन पहले तक अपेक्षाकृत नियंत्रित थी, वह अब रोजाना नए भाव पर पहुंच रही है। पांच दिन में 10 की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च कैसे संभलेगा।
मांग-आपूर्ति का असंतुलन या बाजार की चाल, असली वजह स्पष्ट नहीं…….
शक्कर के भाव में तेजी के पीछे मांग-आपूर्ति का असंतुलन बताया जा रहा है, लेकिन बाजार में इसकी ठोस वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है तो अचानक कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी क्यों हो रही है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि संबंधित विभाग बाजार की स्थिति पर नजर रखे और अनावश्यक मूल्यवृद्धि पर अंकुश लगाए।
शक्कर की कीमत में आया यह उछाल सिर्फ एक वस्तु का महंगा होना नहीं है, बल्कि चाय से लेकर मिठाई और घर में बनने वाले तमाम खाद्य पदार्थों तक इसका असर पड़ना तय है। ऐसे में आने वाले दिनों में शक्कर के भाव पर लोगों की नजर बनी रहेगी।