जनकल्याण का संदेश दें रही यात्रा: राकेश सिंह

जबलपुर। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से युवा मोर्चा द्वारा ‘वाराणसी से वडनगर तक आयोजित ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ गुरुवार को जबलपुर से अगले पड़ाव की ओर रवाना हुई, इसके पूर्व यात्रा में शामिल सेवा यात्रियों ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी से संवाद कार्यक्रम को लाइव देखा।
सेवा संकल्प यात्रा में शामिल सेवा यात्रियों के साथ प्रधानमंत्री  के संवाद कार्यक्रम को लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, जिला अध्यक्ष  रत्नेश सोनकर, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू, जेडीए अध्यक्ष  संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष  रिंकू विज, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्रीकान्त साहू, डॉ वाणी अहलुवालिया, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष  योगेंद्र सिंह ठाकुर, महामंत्री  पंकज दुबे, रंजीत पटेल, सोनू बचवानी के साथ युवा मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्त्ताओ ने देखा।मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ज़ी से लाइव संवाद कार्यक्रम में सेवा यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य का हर क्षेत्र विकास के पथ पर अग्रसर है। यह यात्रा केवल योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी अटूट सेवा और समर्पण का जीवंत प्रमाण है।

*जल मंदिर देख सेवा यात्री हुए अभिभूत :

-* जल जन और सेवा संकल्प यात्रा के सेवा यात्री रानी दुर्गावती कालीन गढ़ा स्थित राधाकृष्ण बाबाड़ी पहुंचे जो जिसे मंत्री  राकेश सिंह के प्रयास से ‘जल मंदिर के रूप में विकसित किया गया है। जल मंदिर को देखकर सभी सेवा यात्री अभिभूत हुए।





*सेवा यात्रियों के साथ बाइक पर की यात्रा :-* मदनमहल से जल मंदिर और वृद्धा आश्रम  की यात्रा में मंत्री  राकेश सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, महापौर  जगतबहादुर सिंह अन्नू ने सेवा यात्रियों के साथ बाइक में यात्रा कर सहभागिता की।

*वृद्धा आश्रम में की सेवा -* सेवा संकल्प यात्रा जबलपुर वजनामठ के समीप स्थित वृद्धा आश्रम पहुंची जहां मंत्री श्री सिंह ने साथ बुजुर्गो को फल वितरण किया गया।
सेवा संकल्प यात्रा जबलपुर के तिलवारा घाट में माँ नर्मदा के दर्शन के उपरांत जबलपुर शहरी सीमा से बाहर रवाना हुई।