रायन मिनिथॉन में 81 स्कूलों के विद्यार्थियों ने लगाई दौड़,

जबलपुर। विद्यार्थियों में शारीरिक स्वस्थता, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना विकसित करने के उद्देश्य से रायन ग्रुप द्वारा आयोजित 27वें रायन मिनिथॉन में शहर के 81 स्कूलों के करीब 1759 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रायन इंटरनेशनल स्कूल शांतिनगर के तत्वावधान में सदर स्थित शिवाजी ग्राउंड में आयोजित इस मिनिथॉन में सेंट जेवियर स्कूल शांतिनगर, गुप्तेश्वर एवं रायन इंटरनेशनल स्कूल शांतिनगर सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-18 आयु वर्ग में बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग दौड़ आयोजित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु यीशु की प्रार्थना एवं भक्ति गीतों के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने शांति और उत्साह के प्रतीक शुभंकर को उड़ाकर तथा हरी झंडी दिखाकर मिनिथॉन का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के मुख्य एथलेटिक्स कोच डॉ. प्रसन्नजीत चटर्जी, राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी लकी रजक, कैंट थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटेल, जिला मुख्य चिकित्सा आयुक्त डॉ. विजयकांत तिवारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं विद्यालय के पूर्व छात्र परमवीर सिंह सलूजा, सेंटर हेड डॉ. राकेश सिंह तथा नेहरू युवा केंद्र संगठन की जिला सलाहकार समिति सदस्य आकृति गर्ग उपस्थित रहे।  बालक मंदिर शाला रामपुर, शासकीय हाई स्कूल रामपुर और बिलाबॉन्ग इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
आयोजन को विभिन्न शैक्षणिक एवं सहयोगी संस्थानों का भी सहयोग मिला। इनमें आकाश इंस्टीट्यूट के मार्केटिंग हेड धीरज केसरी, फिजिक्स वाला के निखिल गर्ग, सोलर स्क्वायर के राहुल शर्मा, अवंतिका यूनिवर्सिटी के अमन तिवारी, एलन इंस्टीट्यूट के ऋषि राज, अभ्युदय शर्मा, कुलदीप जायसवाल, ग्रोथ एवं प्रोजेक्ट क्लैप के जिला समन्वयक राहुल राजपूत, लॉ प्रेप कोचिंग क्लासेस के अश्वरी शर्मा तथा मोमेंटम के सुनील चौरसिया की उपस्थिति रही।आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, टीम वर्क, खेल भावना और अनुशासन विकसित करना रहा। शाला चेयरमैन डॉ. ए.एफ. पिंटो एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ग्रेस पिंटो के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेलों का संतुलन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है