प्रभु श्रीराम के समरस दर्शन में डूब गई संस्कारधानी राघव जी के राज्याभिषेक के साथ श्री राम कथा का विश्राम
जबलपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्म स्तुति भए प्रकट कृपाला में आने वाली पंक्ति ‘यह सुख परम अनूपा..’ को रामदृष्टा स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी ने साकार कर दिया। नौ दिवसीय रामकथा की पावन रसधारा ने शहरवासियों को तो पावन किया ही, आयोजक संस्था समरसता सेवा संगठन के समरसता संबंधी विचार की मंत्रध्वनि की दुंदभी … Read more