जबलपुर/ गोराबाजार पुलिस थाने के अंतर्गत
कजरवारा पुरानी बस्ती में हुई चोरी करने वाले आज भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। थाना प्रभारी कपिल शर्मा से प्रताड़ित पक्ष सतत् संपर्क बनाए हुए हैं।पुलिस विभाग के कर्मचारी फिंगर प्रिंट तो ले गए लेकिन आज 13 दिन पश्चात भी फिंगर प्रिंट की रिपोर्ट गोराबाजार थाने में नहीं दी गई है। जिससे पुलिस भी चोरों की संख्या के हिसाब से जांच नहीं कर पा रही है, पुलिस अनुमान लगा रही है कि दो आलमारी के ताले तोड़ने के लिए चोरों की संख्या करीबन चार रही होगी, यदि फिंगर रिपोर्ट भी समय पर मिल जाए तो चोरों की संख्या उजागर हो सकती है। जिससे जांच के लिए क्षेत्रीय या आलमारी तोड़ने वाले गिरोह के लोगों को थाने बुलाकर पूछ ताछ की जा सकती है, फिंगर रिपोर्ट ना मिलने के कारण चोरों को समय पर पकड़ा नहीं जा पा रहा है। कजरवारा की जनता जानना चाहती है कि चोरों को सूंघ कर, चोरों को पकड़ने वाले कुत्ते कहां है, कहां है पुलिस का खुफिया तंत्र ।
थानों में पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण अपराधों पर तत्काल कार्यवाही नहीं हो पा रही है, वहीं चोरी की जांच के लिए कुत्तों को भी जांच में नहीं लगाया, यदि कुत्तों को चोरी वाले स्थान के आधार पर जांच की जाती तो आज चोर पुलिस की गिरफ्त में होते, घटना स्थल से बरामद जूतों की जांच भी सुराग बन सकते थे लेकिन जांच की समय पर व्यवस्था, थानों में अमले की कमी से कजरवारा पुरानी बस्ती में दहशत बनी हुई है, यहां सभी आशंकित है कि अब चोर किसी के घर में भी चोरी कर सकते हैं।
विदित है विगत 10 मई की रात को कजरवारा पुरानी बस्ती निवासी श्री कंधी लाल उपाध्याय के आवास के अंदर दो गोदरेज की आलमारी के ताले को बिना तोड़े हुक से लॉक की रॉड बाहर कर अंदर के लाकर से सोने की चैन, चार अंगूठी, हार वाला मंगल सूत्र, चार सोने की चूड़ियां और नगद पैसे चोर ले गए। कंधी लाल उपाध्याय चोरी वाले दिन बिलहरी में अपने पुत्र के यहां रुके हुए थे।
शहर विकास संघर्ष समिति के पंडित राम दुबे, संजय यादव, अटल उपाध्याय, शेखर मिश्रा, मुकेश सिंह, संजय कपूर, विवेक शुक्ला, अरविंद दुबे, एडवोकेट विनीत उपाध्याय, राजेश यादव, राम शंकर शुक्ला, अन्नू पटेल मालगुजार ने जल्द फिंगर रिपोर्टों के आधार पर चोरों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी करने की मांग की है।