नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं होता, नहीं कर सकता, विवाह-तलाक डीड्स निष्पादन


जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने प्रदेश के सभी नोटरी अधिवक्ताओं के लिए अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं होता है। वह विवाह या तलाक से संबंधित डीड्स भी निष्पादित नहीं कर सकता। परिषद के सचिव आशीष आनंद ने बताया कि केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय की नोटरी सेल, नई दिल्ली के डिप्टी सेक्रेटरी राजीव कुमार द्वारा जारी अधिसूचना, विभिन्न हाईकोर्ट के निर्णयों तथा नोटरी अधिनियम 1952 और नोटरी नियम 1956 के प्रावधानों के अनुसार नोटरी को विवाह अधिकारी के रूप में कार्य करने का अधिकार नहीं है। इसी तरह विवाह और तलाक से संबंधित दस्तावेजों को निष्पादित करना भी नोटरी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने बताया कि नागरिक इस संबंध में जागरूक रहें और नोटरी अधिवक्ता भी ऐसे कार्य करने से बचें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी की स्थिति निर्मित न हो। परिषद ने अधिसूचना की प्रतियां हाईकोर्ट के जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर स्थित रजिस्ट्रार, महाधिवक्ता, प्रदेश के सभी जिलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर तथा हाईकोर्ट, जिला और तहसील अधिवक्ता संघों को भेजकर अवगत कराया है।