जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में मंगलवार देर रात अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल परिसर के कई हिस्से अंधेरे में डूब गए। घटना के बाद वार्डों, गलियारों और विभिन्न विभागों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच कुछ समय के लिए चिंता की स्थिति निर्मित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली बंद होते ही कई वार्डों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के परिजन विशेष रूप से चिंतित नजर आए, क्योंकि उनका उपचार विभिन्न आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सहायता से किया जा रहा है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बैकअप सिस्टम सक्रिय किया गया, लेकिन प्रारंभिक अव्यवस्था ने अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
करोड़ों के बजट के बावजूद व्यवस्था पर सवाल …
अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए के बजट और अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों के बावजूद ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती तो गंभीर मरीजों की सुरक्षा और उपचार की जिम्मेदारी कौन उठाता। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में व्यवस्थागत कमियों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
सुधार कार्य शुरू करने का दावा ……
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी यूनिटों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपातकालीन व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।