नवरात्र में सड़कों पर मवेशियों का कब्जा,

जबलपुर। शहर में नवरात्र की रौनक है। जगह-जगह सजे दुर्गा पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन सड़कों पर विचरण करते आवारा मवेशी इस धार्मिक उत्सव के बीच परेशानी का सबब बने हुए हैं। कहीं सड़क के बीचोंबीच मवेशियों का जमावड़ा है, तो कहीं वाहन चालकों को इनके बीच से रास्ता निकालना पड़ रहा है। ऐसे हालात में नगर निगम की हांका गैंग की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।
नवरात्र के दौरान प्रमुख मार्गों और दुर्गा पंडालों के आसपास यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में सड़कों पर बैठे मवेशी न केवल आवागमन बाधित कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को दूर से नजर नहीं आते, जिससे हादसे का खतरा और गंभीर हो जाता है। श्रद्धालुओं, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।

पर्व के समय भी व्यवस्था बेपटरी

आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने और यातायात को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इसके लिए हांका गैंग भी तैनात है, लेकिन मौजूदा हालात में उसकी प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। सवाल यह है कि जब त्योहार के दौरान सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, तब मवेशियों को हटाने के लिए विशेष इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को सड़कों पर मंडराते खतरे का अंदाजा नहीं है?

हादसे के बाद जागेगा निगम?

शहरवासियों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या नई नहीं है, लेकिन त्योहारों के दौरान इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। दुर्गा पंडालों तक पहुंचने वाले मार्गों को सुरक्षित रखना नगर निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि हांका गैंग को तत्काल सक्रिय कर प्रमुख सड़कों, चौराहों और दुर्गा पंडालों के आसपास से आवारा मवेशियों को हटाया जाए। साथ ही नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।अब देखना यह है कि नगर निगम समय रहते कार्रवाई करता है या फिर किसी हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।