जबलपुर। आस्था जब संकल्प का रूप लेती है तो असंभव भी संभव हो जाता है। इसी विश्वास के साथ श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति, कालीधाम गढ़ाफाटक ने माता महाकाली को सवा किलो सोने का भव्य मुकुट अर्पित करने का संकल्प लिया है। समिति का कहना है कि यह मुकुट किसी एक व्यक्ति या परिवार की ओर से नहीं, बल्कि माता के भक्तों की सामूहिक श्रद्धा और जनसहयोग से तैयार होगा।माता महाकाली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और उनकी इच्छा को देखते हुए समिति ने यह संकल्प लिया है। समिति पदाधिकारियों के अनुसार अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस पुनीत कार्य में अर्थदान करने की इच्छा व्यक्त की है। इसी भावना को सम्मान देते हुए समिति ने सवा किलो सोने का मुकुट तैयार कराकर माता के श्रीचरणों में समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
छोटी-बड़ी हर आहुति होगी माता के मुकुट का हिस्सा
समिति ने श्रद्धालुओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस धार्मिक संकल्प को पूरा करने के लिए दान की राशि नहीं, बल्कि भक्त की श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है। कोई अपनी क्षमता के अनुसार जितना भी सहयोग कर सकता है, वह इस पुण्य कार्य में अपनी आहुति दे सकता है।
समिति का कहना है कि किसी भक्त का छोटा सा सहयोग भी इस बड़े संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान होगा। माता के मुकुट में हर श्रद्धालु की श्रद्धा का अंश शामिल होगा और जब मुकुट माता के मस्तक पर सुशोभित होगा, तब उसमें पूरे शहर के भक्तों की आस्था झलकेगी।
नवरात्र से शुरू होगा निधि संग्रह
सवा किलो सोने के मुकुट के लिए निधि संग्रह अभियान पिछली नवरात्र से प्रारंभ किया , जो आगे भी जारी रहेगा। श्रद्धालु समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर नगद अथवा ऑनलाइन माध्यम से अपनी इच्छानुसार सहयोग कर सकेंगे। दानदाताओं को विधिवत रसीद भी उपलब्ध कराई जाएगी।ऑनलाइन सहयोग के लिए समिति की ओर से बारकोड भी जारी किया गया है। इच्छुक श्रद्धालु समिति के मोबाइल नंबर 8840271781, 7828953171 एवं 9826150018 पर संपर्क कर दान एवं रसीद संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
माता का मुकुट… भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक
समिति ने शहरवासियों और माता महाकाली के सभी भक्तों से अपील की है कि वे इस संकल्प से जुड़ें और यथाशक्ति सहयोग प्रदान करें। समिति के अनुसार यह केवल सोने का मुकुट बनाने का अभियान नहीं, बल्कि भक्तों की सामूहिक श्रद्धा को माता के मस्तक पर अर्पित करने का अवसर है।माता महाकाली के मुकुट में आपका सहयोग भले ही छोटा हो, लेकिन आपकी श्रद्धा का मूल्य बहुत बड़ा है। आइए, अपनी सामर्थ्य के अनुसार एक छोटी सी आहुति देकर इस दिव्य संकल्प का हिस्सा बनें और जब माता महाकाली सवा किलो सोने के मुकुट से सुशोभित हों, तो उसमें आपकी भक्ति की चमक भी दिखाई दे।